ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News झारखंडसोमवार को हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में होगी सुनवाई, अपनी गिरफ्तारी को किया चैलेंज

सोमवार को हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में होगी सुनवाई, अपनी गिरफ्तारी को किया चैलेंज

झारखंड हाई कोर्ट ने ईडी द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली प्रदेश के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की याचिका पर 5 फरवरी को सुनवाई निर्धारित की है।

सोमवार को हेमंत सोरेन की याचिका पर हाई कोर्ट में होगी सुनवाई, अपनी गिरफ्तारी को किया चैलेंज
Swati Kumariलाइव हिन्दुस्तान,रांचीSat, 03 Feb 2024 10:56 PM
ऐप पर पढ़ें

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिसपर 5 फरवरी को सुनवाई होगी। प्रवर्तन निदेशालय ने हेमंत सोरेन को कथित जमीन घोटाला में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया है। हेमंत सोरेन ने इस गिरफ्तारी को चैलेंज करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था लेकिन उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि मामले में पहले हाई कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए। 

वहीं, रांची की एक विशेष अदालत ने शनिवार को हेमंत सोरेन को पांच फरवरी को राज्य विधानसभा में विश्वास मत में भाग लेने की अनुमति दे दी। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बुधवार को गिरफ्तार किए गए हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में हेमंत ने चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली नयी सरकार के विश्वास मत में भाग लेने की अनुमति मांगी थी।
     
कोर्ट ने शुक्रवार को सोरेन को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। सोरेन ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि वह विधानसभा के सदस्य हैं और उन्हें विशेष सत्र में भाग लेने का अधिकार है। याचिका में कहा गया, ''याचिकाकर्ता (हेमंत सोरेन) अर्जी दायर कर इस अदालत से एक आदेश का अनुरोध कर रहा है, ताकि उन्हें झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने और पांच फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे होने वाले विश्वास मत की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी जा सके।''
     
चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली नयी सरकार को पांच फरवरी को सदन में बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत हासिल करना है। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था। महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि ईडी ने याचिका पर कड़ी आपत्ति जताई। रंजन ने कहा, ''हमने कहा कि मामला अब उजागर हो चुका है और ईडी का उद्देश्य कोई जांच करना नहीं, बल्कि नयी सरकार के गठन में बाधा डालना या सरकार गिराना है।'' उन्होंने कहा, ''जब वह (हेमंत) जांच में हस्तक्षेप नहीं कर रहे, तो सदन की कार्यवाही में शामिल होने पर आपत्ति का कोई मतलब नहीं है। अदालत ने हमारी याचिका मंजूर कर ली है।''

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें