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बंगाल की 'लक्ष्मी भंडार' की तर्ज पर झारखंड सरकार लाएगी योजना, सीधे महिलाओं के खाते में जाएंगे पैसे

सीएम चंपई सोरेन ने कहा, 'हमारी सरकार महिलाओं को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण स्तर में निरंतर सुधार, महिला सशक्तिकरण और परिवार में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बंगाल की 'लक्ष्मी भंडार' की तर्ज पर  झारखंड सरकार लाएगी योजना, सीधे महिलाओं के खाते में जाएंगे पैसे
Sourabh JainPTI,रांचीThu, 20 Jun 2024 11:31 PM
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झारखंड सरकार जल्द ही पश्चिम बंगाल की 'लक्ष्मी भंडार' व अन्य राज्यों की कुछ ऐसी ही योजनाओं की तर्ज पर महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण योजना शुरू करेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस योजना का नाम 'मुख्यमंत्री बहन-बेटी स्वावलम्बन योजना' रखा गया है।

मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने गुरुवार को महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इस नई योजना के तहत 25 से 50 वर्ष की आयु वर्ग वाली सभी श्रेणियों की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि सैद्धांतिक रूप से यह निर्णय लिया गया है कि इस योजना के तहत 1,000 रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, लेकिन इसके लिए वित्त विभाग और कैबिनेट से मंजूरी की आवश्यकता है।

सीएम चंपई सोरेन ने कहा, 'हमारी सरकार महिलाओं को बेहतर शिक्षा, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में निरंतर सुधार, महिला सशक्तिकरण और परिवार में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।' विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने अधिकारियों को युद्ध स्तर पर सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया, ताकि योजना का लाभ निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्र महिलाओं तक पहुंच सके। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को योजना के लिए जल्द से जल्द एक पोर्टल तैयार करने का भी निर्देश दिया। इस साल जनवरी में झारखंड कैबिनेट ने 50 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं, आदिवासियों और दलितों को वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ही इस योजना का लाभ मिलता था, जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जाते हैं। 

इससे एक दिन पहले ही सोरेन सरकार ने कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी विधायकों का वेतन व अन्य भत्तों में बढ़ोतरी के निर्देश दिए थे।