झारखंड के सरकारी स्कूलों को सुधारने की कवायद, लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन
झारखंड के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए लागू किये गए प्रोजेक्ट इंपैक्ट के आकलन पत्र भरने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी।

झारखंड के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए लागू किये गए ह्यप्रोजेक्ट इंपैक्टह्ण के आकलन पत्र भरने में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी।
उन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का वेतन भी रोका जाएगा। स्कूलों को 28 मार्च की शाम पांच बजे तक प्रोजेक्ट इंपैक्ट की आकलन शीट भरकर जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने प्रोजेक्ट इंपैक्ट की समीक्षा बैठक में दी।
आदित्य रंजन ने कहा कि प्रोजेक्ट इंपैक्ट की असेसमेंट शीट को केवल भरना नहीं है। असेसमेंट शीट में दिए गए मानकों के आधार पर स्कूलों में वातावरण विकसित हो, यह भी सुनिश्चित करना है। स्कूलों में केवल पढ़ाई नहीं, पाठ्येतर गतिविधियां भी जरूरी हैं। मई राज्य के सभी स्कूलों का राज्यस्तरीय टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया जायेगा। आकलन शीट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव स्कूलों को राज्यस्तर पर सम्मानित किया जायेगा। लास्ट फाइव परफॉर्म करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


