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30 जुलाई, 2020|8:58|IST

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कोल ब्लॉक पर झारखंड सरकार कोई समझौता नहीं करेगी : सीएम हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि कोल ब्लॉक पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। पहले राज्य और लोगों के अधिकार सुनिश्चित कराये जाएंगे। उसके बाद ही कोल ब्लॉक पर कोई बात की जाएगी।  कोल ब्लॉक की नीलामी पर चोरी छुप्पे बातें आगे बढ़ी हैं, लेकिन अब इस पर सरकार की पूरी नजर है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई नीलामी का वर्षों बीत जाने के बावजूद राज्य में विस्थापन, पुर्नवास की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। राज्य सरकार के संज्ञान में अब पूरा मामला आया है। इस प्रक्रिया पर सरकार की पूरी नजर है। 

ये बातें मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रमों के लिए ही झारखंड में कोल ब्लॉक आवंटन या भूमि अधिग्रहण करके राज्य के लोगों के अधिकारों का हनन और पर्यावरण को दूषित किया गया। खनन क्षेत्र में लोगों को सबसे अधिक बीमारियां हुई हैं। लोग लाल-काला पानी पीने पर मजबूर हैं। 

चीन की वस्तुओं के विरोध के लिए केंद्र निर्णय ले  : सीएम ने कहा कि चीन का सामाना लेना है या नहीं। ये भारत सरकार का विषय है। राज्य सरकार की इसमें बड़ी भूमिका नहीं है। अब यह केंद्र सरकार पर निर्भर है कि वह किस दिशा में मौजूदा हालात को देख रही है। कई विशेषज्ञ इस पर चर्चा भी कर रहे हैं। कई चीजें एक साथ जुड़ी हैं। आज चीन कल नेपाल उसके बाद किसी और देश की वस्तुओं का बहिष्कार करेंगे। कितने देशों का बहिष्कार करेंगे। देश की अर्थव्यवस्था किस तरह से चलेगी, इसमें केंद्र सरकार की भूमिका है। जीएसटी लागू करने के बाद राज्य सरकारों की अर्थव्यवस्था को गति देने की क्षमता पहले ही छीनी जा चुकी है।

बाबूलाल तथ्य जानकर बोलें : सीएम ने कहा कि देश की एक सीमा पर नहीं, कई सीमाओं पर तनाव है, लेकिन चर्चा एक सीमा पर ही हो रही है। इस विषय पर केंद्र सरकार को देश के समक्ष अपना स्टैंड स्पष्ट रूप से रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं के माध्यम से छिट पुट जानकारी नहीं रखनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि बाबू लाल मरांडी अभी-अभी भाजपा में गए हैं। उन्हें बहुत दिन के बाद बोलने का मौका मिला है। उन्हें तत्थों की जानकारी प्राप्त करके बोलना चाहिए। 40-50 साल बाद राज्य के लोग पुरानी प्रथा से बाहर निकल कर अपने अधिकार पाने की स्थिति में आए हैं। ये बता क्यों नहीं रहे हैं कि इसके पीछे का मूल षड़यंत्र क्या है। उनका संदर्भ कोल ब्लॉक की नीलामी था। 

वर्चुअल रैली करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा  : सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष को बोलने के लिए कुछ नहीं मिलता तो पूर्व की सरकारों का रोना रोने लगते हैं। इनको बताना चाहिए कि देश की अर्थव्यवस्था क्यों ध्वस्त हो गई है। क्यों रोजगार खत्म हो रहे हैं, उद्योग बंद हो रहे हैं, भूखमरी की स्थिति है, लोगों की जानें जा रही हैं। भाजपा को इन विषयों पर लोगों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सीएम ने कहा कि भाजपा को आलाकमान से होम वर्क मिल जाता है। पहले पत्र लिखते थे अब वर्चुअल रैली करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। सवाल करने पर देश की सेना से जोड़ दिया जाता है। 

भगवान जगरनाथ यात्रा पर नया निर्णय नहीं : रथ यात्रा को लेकर पूर्व में जो निर्णय लिया गया है अब भी वहीं है। बाकि लोग स्वतंत्र हैं कोर्ट जा सकते हैं। इसमें सरकार का जो भी दिशा-निर्देश होगा वह सार्वजनिक कर दिया जाएगा। ज्ञात है कि राज्य सरकार केंद्र के दिशा निर्देश जिसमें धार्मिक यात्रा को इजाजत नहीं दी गई है, पर कायम है। 
 

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  • Web Title:Jharkhand government will not compromise on coal block: CM Hemant Soren