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बजट सत्र में शामिल होंगे हेमंत सोरेन? झारखंड हाई कोर्ट में फैसला सुरक्षित; ED ने दी ये दलील

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बजट सत्र में शामिल होने के मामले पर सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सुनवाई हुई।

बजट सत्र में शामिल होंगे हेमंत सोरेन? झारखंड हाई कोर्ट में फैसला सुरक्षित; ED ने दी ये दलील
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीTue, 27 Feb 2024 08:51 AM
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पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बजट सत्र में शामिल होने के मामले पर सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सुनवाई हुई।

हेमंत सोरेन की ओर से अदालत को बताया गया कि विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो चुका है। 27 फरवरी को बजट पेश किया जाना है। बजट सत्र में मनी बिल पास कराना पड़ता है। इसके लिए बहुमत की जरूरत होती है। ऐसे में हेमंत सोरेन का सदन में मौजूद रहना जरूरी है। इसलिए अदालत उन्हें सत्र में शामिल होने की अनुमति दे।

वहीं, ईडी की ओर से कहा गया कि जो व्यक्ति न्यायिक हिरासत में रहता है, उसका संवैधानिक अधिकार भी निलंबित ही रहता है। ऐसे में हेमंत सोरेन को बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

हेमंत सोरेन ने इसके पूर्व ईडी कोर्ट में याचिका दायर कर बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन ईडी कोर्ट ने आग्रह नहीं माना और याचिका खारिज कर दी। इसके बाद हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट की शरण ली।

गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आज

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से हेमंत सोरेन की संशोधित याचिका का विरोध किया गया और उसे सुनवाई योग्य नहीं बताया गया। हेमंत सोरेन की ओर से पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी गलत है। मामले में ईडी हेमंत सोरेन को गिरफ्तार नहीं कर सकती है।

जबकि, ईडी की ओर से कहा गया कि ईडी की कार्रवाई नियमों के अनुकूल है, इसलिए गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हेमंत सोरेन की याचिका खारिज कर देनी चाहिए।

अदालत ने हेमंत सोरेन की संशोधित याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए ईडी को संशोधन याचिका की मेरिट पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में 31 जनवरी को याचिका दाखिल कर अपनी गिरफ्तारी की आंशका जताई थी। याचिका में कहा गया था कि ईडी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। जबकि, ईडी के सभी सवालों का जवाब उन्होंने पहले ही दे दिया है। इसलिए, उनके खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई करने पर रोक लगाई जाए। 31 जनवरी को याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी और देर रात हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद हेमंत सोरेन की ओर से एक फरवरी को एक संशोधित याचिका दाखिल कर गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है।

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