Jharkhand elections challenge to deal with Naxalites in the first phase - झारखंड चुनाव : पहले चरण में नक्सलियों से निपटने की चुनौती DA Image
23 नवंबर, 2019|2:32|IST

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झारखंड चुनाव : पहले चरण में नक्सलियों से निपटने की चुनौती

झारखंड के पहले चरण के चुनाव में नक्सलियों से निपटना पुलिस के लिए  बड़ी चुनौती होगी। झारखंड के 13 अतिसंवेदनशील जिलों में छह जिलों की 13 सीटों पर पहले चरण में चुनाव होना है। पहले चरण की चुनावी तैयारी को लेकर बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों की तैनाती भी की गई है।
पहले चरण के चुनाव प्रचार में वीआईपी सुरक्षा से लेकर पार्टी कार्यालयों की सुरक्षा व नक्सल विरोधी अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है। चुनाव प्रक्रिया में नक्सली व्यवधान नहीं डालें साथ ही पड़ोस के राज्यों से नक्सलियों की गतिविधि नहीं हो इसके लिए इंटर स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठकें संबंधित रेंज के डीआईजी, एसपी और पड़ोसी सीमावर्ती राज्य के जिलों के पुलिस अफसरों के साथ हो चुकी हैं।


माओवादी गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार : पहले चरण के चुनाव में अतिनक्सल प्रभाव वाले चतरा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जिले में चुनाव होना है। पुलिस मुख्यालय के अभियान शाखा व विशेष शाखा ने प्रत्येक जिले में सक्रिय माओवादियों व उनके गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार की है। इसके साथ ही झारखंड गठन के बाद चुनाव के दौरान माओवार्दी ंहसा की घटनाओं और प्रभावित क्षेत्र को भी चिह्नित किया गया है। राज्य पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, चतरा में 15 लाख के इनामी सैक सदस्य नवीन उर्फ सर्वजीत यादव का दस्ता सक्रिय है। चतरा-गया व चतरा-नवादा व कोडरमा सीमा पर संदीय यादव व प्रद्युम्न शर्मा का दस्ता सक्रिय है। बिहार पुलिस से इन दस्ते की गतिविधि झारखंड में न होने देने का निवेदन किया गया है, ताकि ये दस्ते चुनाव कार्य को प्रभावित न कर सकें।
उड़ाया था पार्टी कार्यालय: लोकसभा 2019 चुनाव के दौरान माओवादियों ने पलामू के हरिहरगंज और सरायकेला- खरसांवा जिले के खरसांवा में भाजपा के चुनावी कार्यालय को उड़ाया था। रांची में लोकसभा चुनाव के दिन तमाड़ में माओवादियों ने एक ट्रैक्टर को आग के हवाले किया था।
 

लातेहार, पलामू, गढ़वा में कैसे मिल रही चुनौती : 

गढ़वा के बुढ़ापहाड़ इलाके में छतीसगढ़ के माओवादी कैडर कैंप कर रहे हैं। गढ़वा का इलाका छतीसगढ़ व बिहार से भी सटा है। गढ़वा, पलामू, लातेहार के इलाके में बड़े माओवादियों अजीत उरांव, छोटू खेरवार, शशिकांत , रहीमन जी उर्फ कंचन तुरी, बीरबल उरांव, रवींद्र यादव, शीतल मोची, रामप्रसाद यादव की सक्रियता है। रांची से सटे लोहरदगा में रवींद्र गंझू का दस्ता सर्वाधिक सक्रिय है

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