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19 जनवरी, 2020|5:35|IST

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झारखंड चुनाव 2019: बागी हुए सीताराम, भाजपा छोड़ जरमुंडी से निर्दलीय लड़ेंगे

विधानसभा चुनाव को लेकर संताल में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने रविवार को 52 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इससे कई चेहरे खिले तो कई के अरमानों पर पानी फिर गया। जरमुंडी विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज सीताराम पाठक बागी हो गए। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

पाठक ने सोमवार को हिन्दुस्तान को बताया कि साजिश के तहत उन्हें टिकट नहीं दिया गया है। पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य सीताराम पाठक गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के पिछले कार्यकाल में सांसद प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। पाठक जरमुंडी से भाजपा टिकट के लिए 2014 के चुनाव से ही दावेदार थे। पार्टी ने 2014 में अभयकांत प्रसाद को जरमुंडी से टिकट दिया था। अभयकांत प्रसाद चुनाव हार गए थे। 2019 के चुनाव में भी सीताराम पाठक भाजपा टिकट के प्रबल दावेदारों में थे। इस बार पार्टी ने देवेंद्र कुंवर को प्रत्याशी घोषित किया है। टिकट नहीं दिए जाने से नाराज पाठक ने प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य पद के साथ ही पार्टी के प्राथमिक सदस्यता पद से भी इस्तीफा देने का निर्णय किया है। मंगलवार को पाठक बासुकीनाथ में इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे। पाठक ने अपने कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर चुनाव मैदान में उतरने की बात कही है। उन्होंने इसकी घोषणा फेसबुक में भी कर दी है। 

इधर, सीताराम पाठक के पक्ष में प्रखंड भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष सिद्धार्थ तिवारी, महामंत्री अंकित राउत, आनंद दुबे, दिलीप हेंब्रम, मुन्ना सोरेन समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उपाध्यक्ष सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि भाजपा में योग्य प्रत्याशी की उपेक्षा की गई है। जरमुंडी से भाजपा ने जिस व्यक्ति को टिकट मिला है, उनका यहां से लगातार चुनाव हारने का रिकॉर्ड रहा है। जनता में उनकी पकड़ नहीं है। वहीं महागठबंधन के तहत कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख के सामने झामुमो नेता विश्वनाथ राय भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कड़ी टक्कर देने को तैयार हैं। 1995 व 2000 में जरमुंडी का प्रतिनिधित्व कर चुके देवेन्द्र कुंवर इस बार भाजपा के प्रत्याशी हैं। पिछली बार उन्होंने जेवीएम से भाग्य अजमाया था। वहीं जेवीएम से डॉ. संजय कुमार को सिंबल मिला है। 

टिकट नहीं मिलने से नाराज  पाकुड़ जिलाध्यक्ष का इस्तीफा

भाजपा के पाकुड़ जिलाध्यक्ष देवीधन टुडू ने सोमवार को अपने पद व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्याग पत्र प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ को भेजा है। इस बात की पुष्टि जिलाध्यक्ष ने स्वयं  की है।

विधानसभा चुनाव से पहले अचानक इस्तीफा देने से पार्टी में खलबली मच गई है। टिकट की घोषणा के एक दिन बाद इस्तीफे से इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पार्टी द्वारा महेशपुर विधान सभा से टिकट नहीं मिलने से नाराज टुडू ने यह कदम उठाया है। लेकिन उनका कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है। वह खुद को भाजपा जैसी बड़ी पार्टी के काबिल नहीं समझ रहे हैं,  इसलिए इस्तीफा दिया।

इससे पूर्व लोकसभा चुनाव से पहले भी देवीधन टुडू ने त्याग पत्र दिया था, लेकिन पार्टी के नेताओं ने उन्हें मना कर इस्तीफा वापस कराया था। टुडू कहना है कि मैंने इतने दिनों से जिलाध्यक्ष पद संभाल संगठन को चलाया। उन्हें लग रहा है वह भाजपा जैसे बड़े संगठन के काबिल नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह नया ठौर ढूंढने पर विचार कर रहे हैं। टुडू ने कहा कि अभी उन्होंने किसी दल में जाने का कोई निर्णय नहीं लिया है। 

सूत्रों की मानें तो टिकट नहीं मिलने से आहत देवीधन ने इस्तीफा दिया है। वह 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार थे। झामुमो के प्रत्याशी व पूर्व उप मुख्यमंत्री प्रो. स्टीफन मरांडी से वह मात्र 4000 मत से पराजित हुए थे। देवीधन को इस बार ये उम्मीद थी कि उन्हें पुन: पार्टी प्रत्याशी बनाएगी। इसबार वह चुनाव जीतेंगे, लेकिन टिकट नहीं मिलने से वह मायूस हो गए।

ताला दो दिन में बताएंगे रणनीति

बोरियो। विधायक ताला मरांडी ने सोमवार को इटहरी (गोड्डा) स्थित आवास में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। विधायक ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से राय-शुमारी करने के बाद विधायक ने बताया कि भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं देकर भूल की है। 

भाजपा में रहकर उन्होंने कोई पार्टी विरोधी कार्य नहीं किया है। आदिवासी हित में उन्होंने कई मुद्दे सदन में उठाया है। आदिवासी हित की बात करना यदि पार्टी विरोधी कार्य है, तो मुझे स्वीकार है। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे के अंदर वे कोई बड़ा निर्णय लेंगे।  सूत्रों  के अनुसार ताला मरांडी झामुमो में जा सकते हैं। झामुमो का स्टार प्रचारक बनकर पूरे संथाल की राजनीति को प्रभावित करने का मन बना रहे हैं। बैठक में  अजय भगत,  श्यामल दत्ता, मंटू राय, सरजू पंडित आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Jharkhand Election 2019 Rebel Sitaram left BJP and will contest Jarmundi assembly seat independent