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झारखंड कांग्रेस में छिड़ा घमासान, कार्यकर्ताओं ने बड़े नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदेश महिला कांग्रेस से पांच नेताओं के निष्कासन के बाद पार्टी में घमासान छिड़ गया है। निष्कासित पांचों महिला नेताओं ने झारखंड प्रभारी नेटा डिसूजा और प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।  वहीं गुंजन सिंह ने इसे सिरे से खारिज किया है और निष्कासन से बचने का हथकंडा बताया है। 

प्रदेश महिला कांग्रेस से निष्कासित संगीता तिवारी ने कहा कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की कमी है।  वहीं दूसरी ओर  कर्मठ पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को निकाला जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह पदाधिकारियों के साथ बदसलूकी करती हैं और गलत काम के लिए दबाव डालती हैं। जो लोग इसका विरोध करते हैं,  उन्हें पार्टी से निष्कासन की धमकी देती हैं। उन्होंने महिला कांग्रेस की झारखंड प्रभारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि आगे बढ़ने और पार्टी के टिकट के लिए वे प्रदेश अध्यक्ष की बात मानने का दवाब डालती हैं। 

संगीता तिवारी ने पार्टी आलाकमान से इस मामले की जांच कराने और नेटा डिसूजा व गुंजन सिंह पर कार्रवाई की मांग की है। निष्कासित नेताओं की बैठक में हेमा मिंज, राखी कौर, विनीता पाठक, शालु कौर, सीमा नाग, सोनम, प्रिया समेत अन्य मौजूद थे। 

निष्कासन के बचने के लिए लगा रही झूठा आरोप : गुंजन सिंह 

प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष गुंजन सिंह ने आरोपों को निराधार और वास्तविकता से परे बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी से निष्कासित महिलाएं निष्कासन से बचने के लिए संगठन नेतृत्व के विद्ध झूठा आरोप लगा रही हैं। इन महिलाओं ने लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी के विरोध में काम किया था। विपक्षी दलों से सरोकार कर संगठन को क्षति पहुंचाने का भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन पांचों महिलाओं को पार्टी की सदस्यता से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया है और भविष्य में उन्हें संगठन में किसी भी प्रकार की जिम्मेवारी नहीं देने की अनुशंसा राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव से की गयी है।   

 

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  • Web Title:Jharkhand Congress in conflict activists make serious allegations against big leaders