ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News झारखंडझारखंड कांग्रेस का X अकाउंट हटाया गया, गृहमंत्री शाह का फेक वीडियो शेयर करने पर कार्रवाई

झारखंड कांग्रेस का X अकाउंट हटाया गया, गृहमंत्री शाह का फेक वीडियो शेयर करने पर कार्रवाई

अमित शाह के भाषण का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपलोड करने और साझा करने के मामले में कई लोगों को नोटिस भेजा गया है। इनमें झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी शामिल हैं।।

झारखंड कांग्रेस का X अकाउंट हटाया गया, गृहमंत्री शाह का फेक वीडियो शेयर करने पर कार्रवाई
Sourabh Jainलाइव हिंदुस्तान,रांचीWed, 01 May 2024 10:58 PM
ऐप पर पढ़ें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डीप फेक वीडियो को शेयर करने के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने झारखंड कांग्रेस के एक्स अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को राज्य कांग्रेस के हैंडल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। जिसके बाद अकाउंट को हटा दिया गया।

सोशल मीडिया कम्पनी के अधिकारियों ने बताया, 'एक कानूनी मांग के जवाब में एक्स ने झारखंड कांग्रेस का अकाउंट बंद कर दिया है।' इसी डीप फेक वीडियो को शेयर करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया है। दिल्ली पुलिस ने ठाकुर को समन जारी कर 2 मई को पूछताछ के लिए बुलाया है। इस बारे में बात करते हुए ठाकुर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, 'किस तेजी के साथ हमारे एक्स हैंडल को निलंबित कर दिया गया, वह भी ऐसे समय में जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। यह विरोध की आवाज को दबाने के लिए एक सोची-समझी रणनीति सी लगती है।'

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपलोड करने और साझा करने के मामले में 12 और लोगों को नोटिस भेजा गया है। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी समेत कुल 17 लोगों को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए नोटिस भी दिया था। जिसके बाद बुधवार को रेवंत रेड्डी की वकील सौम्या गुप्ता दिल्ली पुलिस की IFSO शाखा के समक्ष पेश हुईंं और मुख्यमंत्री को पेश होने के लिए और समय देने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होने बताया कि जिस हैंडल से वीडियो साझा किया गया वह हैंडल रेड्डी का नहीं है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जिस फेक वीडियो को शेयर करने को लेकर यह पूरी कार्रवाई हो रही है, उसके जरिए यह बताने की कोशिश हो रही है कि भाजपा एससी/एसटी और ओबीसी के खिलाफ है और अगर वो (भाजपा) सत्ता में आती है तो इन समुदायों के लिए आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस तरह के फर्जी वीडियो का जिक्र सोमवार को सातारा की चुनावी सभा में करते हुए सोशल मीडिया और तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई। मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर बनाए गए फर्जी वीडियो के सामने आने की बात करते हुए लोगों से सतर्क रहने तथा फर्जी वीडियो के किसी भी मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को देने के लिए कहा था। मोदी ने कहा था, 'विरोधी सामाजिक कलह पैदा करने के लिए मेरे, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे नेताओं की कही बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।'

गृहमंत्री के इस फर्जी वीडियो को शेयर करने को लेकर सोमवार को असम पुलिस ने रीतम सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, जो कि असम कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और पार्टी के ‘वार रूम’ का संयोजक भी है। 

शाह के इस फर्जी वीडियो को लेकर देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं में भी गुस्सा देखा जा रहा है, और वे इसे शेयर करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करवा रहे हैं। राजस्थान के जयपुर में इस फर्जी वीडियो को लेकर भाजपा के सोशल मीडिया विभाग की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं झारखंड की राजधानी रांची में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री का फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।