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हेमंत सोरेन नहीं छोड़ेंगे सीएम पद, विधायकों की बैठक में फैसला, अब ED के अगले कदम का इंतजार

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (jharkhand chief minister hemant soren) इस्तीफा नहीं देंगे। रांची में सीएम आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।

हेमंत सोरेन नहीं छोड़ेंगे सीएम पद, विधायकों की बैठक में फैसला, अब ED के अगले कदम का इंतजार
Krishna Singhएजेंसियां,रांचीThu, 04 Jan 2024 12:18 AM
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झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) इस्तीफा नहीं देंगे। रांची में सीएम आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया है। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में 43 विधायक थे। बैठक फैसला लिया गया कि हेमंत सोरेन सीएम हैं और आने वाले दिनों में भी वही सीएम रहेंगे... मालूम हो कि ईडी ने बीते दिसंबर में सोरेन को सातवां समन जारी किया था। ईडी के इस समन का जवाब देने की डेडलाइन पांच जनवरी को खत्म हो रही है। नजरें जांच एजेंसी पर भी होगी और देखना होगा कि आगे ईडी क्या ऐक्शन लेती है। 

यह बैठक हेमंत सोरेन को ईडी के समन के चलते पैदा हुई राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के बाद विधायकों ने कहा कि वे सोरेन के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा सरकार को कोई खतरा नहीं है। वरिष्ठ झामुमो नेता और राज्य सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता मामलों के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी उनके नेतृत्व में लोकसभा और राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

बैठक के बाद विधायकों ने बताया कि बैठक में नेतृत्व परिवर्तन पर कोई चर्चा नहीं हुई। वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने पूरी घटना पर अपनी राय रखी और सभी विधायकों को ताजा हालात पर जानकारी दी। बैठक में राज्य के ताजा राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना भरोसा जताया। विधायकों ने मुख्यमंत्री के प्रति एकजुटता प्रकट की। विधायकों ने कहा कि किसी भी स्थिति में सभी पूरी तरह से एकजुट हैं। सभी मिलकर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ किसी भी साजिश को विफल कर देंगे।

यह डेवलपमेंट ऐसे वक्त में सामने आया है जब हेमंत सोरेन ईडी ने ईडी के सातवें समन पर भी एजेंसी के सामने जाने से परहेज किया है। एक दिन पहले ही (मंगलवार को) सोरेन ने ईडी कार्यालय में एक पत्र भिजवाया था। मुख्यमंत्री सचिवालय का एक कर्मचारी दोपहर बाद लिफाफा लेकर ईडी दफ्तर पहुंचा था। वह ईडी दफ्तर में मौजूद अधिकारियों को लिफाफा सौंप कर निकल गया था। समाचार यूनिवार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी सूत्रों ने बताया कि तीन पन्नों के पत्र में हेमंत सोरेन की ओर से कहा गया था कि यह जांच अवैध है।

मुख्यमंत्री के इस रुख पर ईडी के आधिकारिक सूत्रों का कहना था कि जांच पर सवाल उठाने का मतलब है कि हेमंत सोरेन का जांच के लिए एजेंसी के सामने आने का कोई इरादा नहीं है। मालूम हो कि ईडी ने बीते 29 दिसंबर को एक पत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जमीन घोटाले से संबंधित मामले में बयान दर्ज कराने के लिए दो दिनों के भीतर अपनी सुविधा के अनुसार जगह और समय बताने की अपील की थी। ईडी की ओर से दी गई डेडलाइन 31 दिसंबर को खत्म हो गई थी। 

हेमंत सोरेन के ईडी की पूछताछ से परहेज करने के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंकाएं जताई जाने लगी हैं। इन्हीं आशंकाओं के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गांडेय से विधायक सरफराज अहमद ने सोमवार को अचानक इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद विपक्षी भाजपा ने दावा किया था कि अहमद को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया ताकि ईडी जांच के दौरान गिरफ्तारी की स्थिति में मुख्यमंत्री अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को पद सौंप सकें।

ऐसे कयास लगाए जाने लगे थे कि कल्पना सोरेन को गांडेय सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। इसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को मीडिया के सामने आए और गांडेय विधानसभा सीट से पत्नी कल्पना सोरेन के चुनाव लड़ाने की अटकलों को खारिज कर दिया था। हेमंत सोरेन ने इसे भाजपा की 'दिमागी उपज' करार दिया था। हेमंत सोरेन ने कहा था कि इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। इसी बीच सत्तारूढ़ झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से सूबे के सियासी हालातों और भावी रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार को विधायकों की बैठक बुलाई गई थी।

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