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झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कल, क्या चंपई सरकार कर पाएगी बहुमत साबित? क्या है नंबर गेम

सोमवार को झारखंड विधानसभा के सत्र से पहले 10 बजे सभी विधायकों को विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां वे नवनियुक्त सरकार के बहुमत साबित करने के लिए मतदान करेंगे।

झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कल, क्या चंपई सरकार कर पाएगी बहुमत साबित? क्या है नंबर गेम
Swati Kumariलाइव हिन्दुस्तान,रांचीSun, 04 Feb 2024 08:03 PM
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Jharkhand News: सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और उसके गठबंधन सहयोगियों के लगभग 40 विधायक कल होने वाले शक्ति परीक्षण में शामिल होने के लिए हैदराबाद से आज वापस लौट रहे हैं। सभी 36 विधायक और अन्य नेता चार्टर प्लेन से रांची पहुंचेंगे। रांची में सभी को सीधे सर्किट हाउस लाया जाएगा। सोमवार को झारखंड विधानसभा के सत्र से पहले 10 बजे सभी विधायकों को विधानसभा ले जाया जाएगा, जहां वे नवनियुक्त सरकार के बहुमत साबित करने के लिए वोटिंग करेंगे। फ्लोर टेस्ट के बाद ही विधायकों को छोड़ा जाएगा। मालूम हो कि 31 जनवरी को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित भ्रष्टाचार के मामले में ईडी ने हिरासत में लिया। 

इसके बाद 31 जनवरी की रात को ही चंपई सोरेन ने राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा भी पेश किया। फिर 2 फरवरी को चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ दो और मंत्रियों ने भी शपथ ली। चंपई सोरेन ने सरकार बनाने के लिए 43 विधायकों के दस्तखत वाला समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था। राज्यपाल की हरी झंडी मिलने में विलंब को देखते हुए विधायकों की राजभवन में चंपई ने परेड भी कराई थी।

दरअसल, हेमंत सोरेन के जेल जाने ने बाद महागठबंधन ने अपने विधायकों को प्रतिद्वंद्वी दलों द्वारा पाला बदलने के लिए 'संपर्क' करने से रोकने के लिए 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' का रास्ता अपनाते हुए उन्हें हैदराबाद भेजा था। गौरतलब है कि झारखंड की कुल 81 विधानसभा सीट में से एक सीट खाली है। ऐसे में 80 सीटों की गिनती करने पर बहुमत का आंकड़ा 41 है। वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन के पास बहुमत के आंकड़े 41 से पांच अधिक विधायक हैं। 

झारखंड विधानसभा की तस्वीर पर गौर करें तो जेएमएम, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (एमएल) के पास कुल 46 विधायक हैं। इसमें जेएमएम (28), कांग्रेस (16), राजद (1), और सीपीआई (एमएल) का 1 शामिल है। जबकि दूसरी ओर बीजेपी और सहयोगी दलों के पास 29 विधायक हैं। वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर कुछ बड़ा उलट-फेर नहीं होता तो जेएमएम सरकार फ्लोर टेस्ट में सफल हो जाएगी।

उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने महागठबंधन के विधायकों से अपील की है कि वे भ्रष्टाचार को ध्यान में रख कर विश्वास मत प्रस्ताव पर वोट करें।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब जेएमएम को शक्ति परीक्षण का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले सितंबर 2022 में हेमंत सोरेन की सरकार ने उनके पक्ष में 48 वोटों के साथ बहुमत परीक्षण जीता। तब भी भ्रष्टाचार के आरोपों पर हेमंत सोरेन को विधानसभा से अयोग्य ठहराए जाने का खतरा था।
 

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