DA Image
1 अक्तूबर, 2020|2:22|IST

अगली स्टोरी

jharkhand byelection 2020 : बेरमो सीट पर भाजपा-आजसू के बीच खींचतान

                                                -

उपचुनाव की बिसात बिछने के बाद भी आजसू ने अभी तक भाजपा को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। राज्य में विपक्षी गठबंधन के दोनों साझीदारों भाजपा और आजसू में बेरमो विधानसभा सीट को लेकर खींचतान मची है। इस बारे में पूछे जाने पर आजसू प्रवक्ता देवशरण भगत ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष को इस मामले में निर्णय के लिए अधिकृत किया गया है। अंतिम रूप से अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। इस रुख को देखते हुए भाजपा आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो को मनाने में जुट गई है। 

पिछले विधानसभा चुनाव में बेरमो सीट पर भाजपा और आजसू के उम्मीदवार आमने-सामने खड़े थे। बेरमो में आजसू समर्थकों का भी अच्छा-खासा आधार है। ऐसे में आजसू का साथ लिए बिना भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जल्दी ही आजसू सुप्रीमो के साथ भाजपा नेताओं की इस मामले में बैठक होने की संभावना है।

दो संतालों के बीच है असली लड़ाई : भाजपा, कांग्रेस और झामुमो के उम्मीदवारों की लड़ाई तो आमने-सामने है। असली लड़ाई तो नेपथ्य में दो संताल सरदारों की है। ये संताल नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी हैं। सत्ताधारी खेमे का दारोमदार हेमंत सोरेन पर है तो बाबूलाल मरांडी के आने के बाद भाजपा पहली बार चुनाव का सामना करने जा रही है। ऐसे में इस बार के उपचुनाव में बाबूलाल मरांडी की भी सियासत दांव पर है। सोरेन परिवार और मरांडी के बीच भी पुरानी सियासी अदावत है। ऐसे में उपचुनाव में दोनों को एक-दूसरे पर खुद की बीस साबित करने की होड़ है। राज्य के भावी नेतृत्व की अग्निपरीक्षा भी इसी में होनी है।

दुमका में प्रत्याशी लगभग तय, बेरमो में तलाश : उपचुनाव की बिसात बिछने के बाद दलीय़ मोहरों की ओर प्रदेश की जनता की नजरें टिकी है। दुमका में तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि पूर्व मंत्री लोईस मरांडी का उम्मीदवार बनना लगभग तय है। केंद्रीय नेतृत्व जल्दी ही इसकी घोषणा करेगा। इसी तरह झामुमो में भी बसंत सोरेन के प्रत्याशी बनने पर लगभग सहमति बन चुकी है। बेरमो में कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में अभी उम्मीदवार के नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस में राजेंद्र सिंह के निधन से खाली हुई सीट पर उनके दोनों बेटों कुमार जयमंगल और कुमार गौरव में से एक को चुनने की चुनौती है। दोनों बेटों में सहमति नहीं बनने पर कांग्रेस तीसरे उम्मीदवार को भी उतार सकती है। इसी तरह भाजपा में पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल और पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय में से एक के नाम पर जिच है।
  

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:jharkhand byelection 2020: BJP-AJSU pulls on Bermo seat