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JAC Result: सोशल मीडिया से 'अनसोशल' दोस्त 3rd Topper बने, ये एक दूसरे के गुरु भी, रेस में भी बराबर निकले

सपने कड़ी मेहनत से सच होते हैं न कि संसाधनों से। आज भी मेरे पास की-पैड वाला मोबाइल फोन है, जिसमें न इंटरनेट चलता है और न ही कोई सोशल मीडिया। इसके बाद भी मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। यह कहना है इंटरमीडिएट की साइंस परीक्षा में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे दो दोस्तों में से एक हिमांशु का। आज के दौर में सोशल मीडिया से अनसोशल रहना थोड़ा चौंकाता है पर इन दोस्तों ने अर्जुन की तरह सिर्फ मछली की आंख को देखा और इनका निशाना भी सटीक लगा। 

जैक की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में साइंस टॉप 10 की सूची में 21 बच्चे शामिल हैं। इसमें दो नाम हिमांशु कुमार और राणा रंधीर रोशन का भी है। दोनों 446 अंक के साथ संयुक्त रूप से स्टेट के थर्ड टॉपर हैं। इनकी कहानी टॉप-10 की सूची में शुमार अन्य छात्रों से थोड़ी अलग है। 

कॉलेज में हुई थी मुलाकात 
दो साल पहले एक-दूसरे से अंजान दोनों की मुलाकात रांची के संत जेवियर्स कॉलेज में हुई थी। राणा रंधीर जहां पलामू से यहां पहुंचे थे तो हिमांशु बिहार के औरंगाबाद से। दोनों ने साथ मिलकर पुरुलिया रोड के एक लॉज में कमरा लिया और साथ मिलकर जुट गए अपने सपने को पंख देने में। 

आईएएस बनना चाहते हैं दोनों दोस्त 
दोनों दोस्त आईएएस बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सपने कड़ी मेहनत से सच होते हैं न कि संसाधनों से। हिमांशु कहता है कि उसके पास आज भी कीपैड वाला मोबाइल फोन है जिसकी बैट्री भी फूल गई है। जिसमें न वह इंटरनेट इस्तेमाल कर सकता है और ही सोशल मीडिया। इसके बाद भी उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।  हिमांशु के पिता बिहार के औरंगाबाद में वकालत करते हैं और रंधीर के पिता मुंबई में मजदूरी। 

ट्यूशन से ज्यादा दोस्त पर किया भरोसा
साइंस के छात्र होने के बाद भी दोनों के कॉलेज के अलावा कोई ट्यूशन नहीं किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी के साथ दोस्ती पर भरोसा किया। हिमांशु ने बताया कि दोनों कॉलेज के बाद चार से पांच घंटे तक सेल्फ स्टडी करते थे। इनमें जहां एक उलझता था वहां दूसरा मदद करता था और जो दोनों को समझ में नहीं आता वह स्कूल में शिक्षक से पूछ लेते थे। 

सफी हसन हैं प्रेरणा स्रोत
आगे की पढ़ाई भी अब दोनों साथ मिलकर करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में आवेदन भी दिया है। उन्होंने बताया कि जरूरी ये नहीं कि साइंस या आर्ट्स से पढ़े। जरूरी यह है कि हम कैसे आईएस की बेहतर तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सबसे युवा आईएएस सफी हसन उनके प्रेरणा स्रोत हैं। 
 

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  • Web Title:JAC Result: Unsocial friend from social media became 3rd Topper each othes guru also got equal in the race