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Hindi News झारखंडऐसा लगता है राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है ही नहीं, किस बात पर भड़का झारखंड HC

ऐसा लगता है राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है ही नहीं, किस बात पर भड़का झारखंड HC

झारखंड हाईकोर्ट ने प्रदूषण और दूषित जलापूर्ति की शिकायत से जुड़े मामले की गुरुवार को सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नहीं है।

ऐसा लगता है राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है ही नहीं, किस बात पर भड़का झारखंड HC
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Sneha Baluniहिन्दुस्तान,रांचीFri, 21 Jun 2024 09:59 AM
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झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा तालाब के पानी प्रदूषित होने और डैमों से दूषित जलापूर्ति की शिकायत से जुड़े मामले की गुरुवार को सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने मौजूद अधिकारियों से कहा कि जिस तरह से रांची के लोग प्रदूषण झेल रहे हैं, उससे लगता है कि राज्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नाम की कोई संस्था ही नहीं है। सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से मौजूद पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव को कोर्ट ने निर्देश दिया कि वह पेयजल समस्या दूर करने के लिए दीर्घकालीन योजना पर फोकस करें। 

कोर्ट ने अगली सुनवाई में नगर विकास विभाग के सचिव को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। इसके अलावा रांची नगर निगम के प्रशासक को भी उस दिन फिर से उपस्थित रहने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पेयजल स्वच्छता विभाग, रांची नगर निगम और नगर विकास विभाग के आपसी तालमेल से ही रांची शहर की पानी और हवा प्रदूषण एवं ट्रैफिक जैसी समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है। साथ ही मामले की सुनवाई की अगली तारीख 26 जून निर्धारित की है।

नालियों की सफाई कर उसे दुरुस्त रखें

कोर्ट के आदेश के आलोक में रांची नगर निगम के प्रशासक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे कहा कि अभी मानसून आने वाला है। राजधानी में वर्षा होने पर सड़कों पर नाली का गंदा पानी आ जाता है, ऐसे में नालियों की सफाई कर उसे दुरुस्त रखें, ताकि गंदा पानी सड़क पर न आए। पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव भी गुरुवार कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। कोर्ट ने उन्हें लालपुर स्थित अप्सरा होटल के पीछे न्यू कॉलोनी में सप्लाई पानी के गंदा होने की जानकारी देते हुए उसे तुरंत दुरुस्त करने का आदेश दिया। 

इस पर पेयजल स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव ने कहा कि सीवरेज का गंदा पानी नल में पेयजल के साथ आ जा रहा है, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान रेनवाटर हार्वेस्टिंग में शामिल रहने वाले रांची नगर निगम के प्रतिनिधि के रूप में शामिल तीन अभियंता भी कोर्ट के आदेश से हाजिर हुए। कोर्ट ने उन्हें अधिवक्ताओं की कमेटी की रिपोर्ट में साइन करने का निर्देश देते हुए अधिवक्ताओं की कमेटी को मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की रिपोर्ट जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया है।