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बाहरी को मिले नौकरी, स्थानीय लोग टुकुर-टुकुर देखें, ऐसा नहीं चलेगा, कोल ब्लॉक में 75% नौकरी स्थानीय को देना होगा: मुख्यमंत्री

दुमका। वरीय संवाददाताYogesh Yadav
Wed, 08 Dec 2021 07:09 PM
बाहरी को मिले नौकरी, स्थानीय लोग टुकुर-टुकुर देखें, ऐसा नहीं चलेगा, कोल ब्लॉक में 75% नौकरी स्थानीय को देना होगा: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में कोयला कंपनियों को अब 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी देनी होगी तभी उन्हें कोल ब्लॉक में कोयला खनन करने दिया जाएगा। कोयला खदानों में एक करोड़ तक का सारा ठेका स्थानीय विस्थापितों को देना होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को दुमका के पुलिस लाइन मैदान में ‘आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार’ के  तहत प्रमंडल स्तरीय मेगा परिसंपत्ति वितरण कैंप को  संबोधित कर रहे थे।

28.45 लाख लाभुकों के बीच करीब 1127 करोड़ की परसम्पत्तियां बांटी गई। पूरे संताल परगना प्रमंडल में विभिन्न विभागों में नव चयनित 1423 कर्मियों को नियुक्ति पत्र भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केन्द्रीय कोयला मंत्री से कहा है कि जब तक 75 प्रतिशत स्थानीय को नौकरी नहीं दी जाएगी तब तक झारखंड में कोल ब्लॉक में आगे काम नहीं करने दिया जाएगा। हमने उनसे वादा भी लिया है कि एक करोड़ रुपए तक का ठेका भी स्थानीय विस्थापितों को ही देना होगा।  

बाहरी को काम मिलता है, रैयत टुकुर-टुकुर देखते हैं 

स्थानीय लोगों को नौकरियों से वंचित रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस राज्य को लोगों ने चारागाह समझ रखा है। उन्होंने का कि आउटसोर्स कंपनियों के लोग अपने मन पसंद लोगों को कहां कहां से लाकर अपने मन मुताबिक काम कराते हैं। यहां के लोग जो रैयत होते है,जमीन देकर विस्थापित होते हैं वे टुकुर-टुकुर देखते रह जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नौजवानों को रोजगार देने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। आदिवासियों -मूल वासियों को सरकारी नौकरियों में तरजीह देने की हमारी सरकार व्यवस्था की है। 

अगले 6 माह में 30 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार 

दुमका। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में किसी सरकारी विभाग में नियुक्ति नियमावली नहीं बनी थी। हर नियुक्ति में 50 से 70 प्रतिशत नियुक्ति बाहर के लोगों की हो रही थी। पहली बार हमारी सरकार ने विभिन्न विभागों की नियुक्ति नियमावली बनाई गई। इसमें पुलिस नियुक्ति नियमावली में  बदलाव किया गया है ।अब पहले शारीरिक परीक्षा होगी फिर लिखित परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 6 महीनों के अंदर 30 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए सब्सिडी पर 25 लाख रुपए तक का लोन सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग एवं प्रोत्साहन नीति बनाई गई है । इस नीति को उद्योग जगत की काफी सराहना मिल रही है और वह यहां उद्योग लगाने की इच्छा जता रहे हैं । हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा उद्योग यहां स्थापित हो और स्थानीय लोगों को व्यापक रोजगार के अवसर मिले। 

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