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9 नवंबर, 2020|11:42|IST

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Bhima Koregaon Case में Stan Swamy को माओवादी बता 10 हजार पन्नों की चार्जशीट

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झारखंड के चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के खिलाफ एनआईए ने भीमा कोरेगांव केस में चार्जशीट दायर कर दिया। फादर स्टेन समेत आठ लोगों के खिलाफ एनआईए ने 10 हजार पन्नों की चार्जशीट दायर की है। 

एनआईए ने अपने चार्जशीट में स्टेन स्वामी को भाकपा माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया है। वहीं गौतम नवलखा के लिंक पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का दावा किया गया है। चार्जशीट में बताया गया है कि स्टेन स्वामी का लगातार संपर्क महाराष्ट्र के भी भाकपा माओवादियों से था। अरबन नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर भी माओवादी संगठन में उनके द्वारा प्रचार प्रसार किया जाता था। माओवादी कैडरों के लिए फंड भी जुटाने का आरोप फादर स्टेन स्वामी पर एनआईए ने लगाया है। वहीं उन्हें भाकपा माओवादियों के  फ्रंटल आर्गेनाइजेशन परसीक्यूटेड प्रिजनर्स सॉलिडैरिटी कमेटी(पीपीएससी) का संयोजक भी बताया गया है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि फादर स्टेन स्वामी के पास से कई माओवादी दस्तावेज, माओवादी साहित्य व प्रोपोग्रेंडा मैटेरियल मिले हैं। इधर फादर स्टेन स्वामी ने अपनी गिरफ्तारी से पहले कहा कि एनआईए ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनके कम्प्यूटर में फर्जी सबूत डाले हैं। 

शुक्रवार की पहली फ्लाइट से ले जाया गया फादर स्टेन को : एनआईए के इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी अजय कुमार कदम के नेतृत्व में एनआईए टीम ने 8 अक्तूबर की रात फादर स्टेन स्वामी को नामकुम के बगइचा स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। शुक्रवार की सुबह रांची में बगैर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए एनआईए की टीम पहली ही फ्लाइट से स्टेन स्वामी को मुंबई ले गई। 

किस किस पर चार्जशीट : एनआईए ने स्टेन स्वामी, दादर के आनंद तेलतुंबड़े, गौतम नवलखा, डीयू के प्रोफेसर हनी बाबू, पूणे के सागर गोरखे, रमेश गाइचोर, ज्योति जगताप व मिलिंद तेतुंबड़े पर चार्जशीट की है। सभी पर राजद्रोह, अनलॉफुल एक्टिविटिज प्रिवेंशन एक्ट व आईपीसी की धाराओं में चार्जशीट की गई है। चार्जशीट में बताया गया है कि भीमा कोरेगांव हिंसा को एलगार परिषद के कार्याक्रम के जरिए भड़काया गया था। एनआईए की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि भाकपा माओवादियों को विदेशों से भी हथियार की सप्लायी हुई थी। काफी संगठित तरीके से माओवादियों का संगठन शहरी इलाकों में भी काम कर रहा था। पूणे की पूरी हिंसा को एलगार परिषद व भाकपा माओवादियों के द्वारा सुनियोजित साजिश बताया गया है।


 

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  • Web Title:In Bhima Koregaon case Stan Swamy is called Maoist a charge sheet of 10 thousand pages