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देसी शराब बनाने में आख़िर कहाँ हो जाती है चूक और कैसे बन जाती है ये जानलेवा?

sultanpur  chicken  farm

अवैध शराब का कारोबार खतरनाक मोड़ ले रहा है। यहां अधिक नशे के लिए इसमें ऑक्सिटोसिन मिला दिया जा रहा है, जो मौत का कारण बन सकता है। ऑक्सिटोसिन से नपुंसकता और नर्वस सिस्टम से जुड़ी कई तरह की खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। इसके सेवन से आंखों में जलन, खारिश और पेट में जलन हो सकती है और लंबे समय तक इसके सेवन से आंखों की रोशनी भी जा सकती है। 

सूत्रों के अनुसार कच्ची शराब में यूरिया और ऑक्सिटोसिन जैसे रासायन मिलाने से मिथाइल एल्कोहल बन जाता है, जिसकी अधिकता मौत का कारण बन जाती है। इसमें मिथाइल शरीर में जाते ही केमिकल रिएक्शन तेज होता है और शरीर के अंदरूनी अंग काम करना बंद कर देते हैं। 

बताया जाता है कि शहर के आसपास की 32 जगहों पर अवैध शराब की भट्ठियां हैं, जिसके बारे में विशेष शाखा की टीम ने अपनी रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट के बावजूद उन भट्ठियों को बंद नहीं कराया गया। 

सूत्रों के अनुसार बरसात के मौसम में अवैध शराब के चुलाई अड्डों में तेज बारिश के चलते काम प्रभावित होता है। ऐसे में कच्ची शराब में अधिक पानी मिलाकर उसे ज्यादा नशीला बनाने के लिए ऑक्सिटोसिन मिलाया जाता है। 

जा चुकी है 34 जान

साल 1995 में जमशेदपुर के सीतारामडेरा में 34 लोगों की मौत जहरीली शराब से हुई थी। उस वक्त यह इलाका संयुक्त बिहार में था। झारखंड गठन के बाद भी इस क्षेत्र में कभी इतना बड़ा शराब कांड नहीं हुआ था।

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  • Web Title:Illegal country liquor is becoming more toxic due to intoxication