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Hindi News झारखंडकोचिंग सेंटरों को फ्रेंचाइजी, एक रात पहले बड़ा खेल; कैसे काम करता है पेपर लीक करने वाला गैंग

कोचिंग सेंटरों को फ्रेंचाइजी, एक रात पहले बड़ा खेल; कैसे काम करता है पेपर लीक करने वाला गैंग

प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी गैंग को जानकारी देते हैं कि प्रश्न पत्र आ गया है। इसके लिए किंगपिन ने आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से स्टाफ की तैनाती कर रखी है। कूरियर कंपनियों में भी इस गैंग के आदमी हैं।

कोचिंग सेंटरों को फ्रेंचाइजी, एक रात पहले बड़ा खेल; कैसे काम करता है पेपर लीक करने वाला गैंग
six fake neet candidates caught in ranchi action taken on information of paper leak in patna
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,हजारीबागTue, 25 Jun 2024 08:41 AM
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पेपर लीक करने वाले गिरोह ने देश भर में कोचिंग संस्थानों की फ्रेंचाइजी दे रखी है। लेकिन कोचिंग संस्थानों को प्रश्न पत्र नहीं दिया जाता है। बल्कि प्रश्न पत्र आ जाने के बाद भी किंगपिन के पास सुरक्षित रहता है। इस गिरोह ने गुजरात के बड़ौदा तक प्रिंटिंग प्रेस में अपनी पकड़ बना रखी है। जहां देश भर के प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों की छपाई होती है। जैसे ही प्रिंटिंग प्रेस के पास प्रश्न पत्र छपने के लिए आता है, इसकी सूचना इन गिरोह को मिल जाती है।

भाड़े के टट्टू तैनात
प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी इन्हें जानकारी देते हैं कि प्रश्न पत्र आ गया है। इसके लिए किंगपिन ने आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से स्टाफ की तैनाती कर रखी है। इसके बाद कूरियर एजेंसी कंपनियों में भी इस गिरोह के आदमी तैनात है। जिस आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से मेन्स पावर सप्लाई की जाती है। वहां हर माह पे रोल पर कूरियर एजेंसी में आदमी बहाल कर रखा है। कहा जाता है कि वह इसी काम के लिए भाड़े के टट्टू हैं।

बक्से के साथ छेड़छाड़
जैसे ही प्रिंटिंग प्रेस से सील बंद कंटेनर में प्रश्न पत्र लोड होकर निकलता है, गिरोह को जानकारी मिल जाती है। रास्ते में सील बंद कंटेनर में प्रश्न पत्र कहां जा रहा है, यह जानकारी लेकर शुभम मंडल का गैंग सक्रिय हो जाता है। फिर शुभम मंडल गिरोह के सदस्य के साथ मिलकर वह सीलबंद बक्से को खोल कर हुबहू बंद कर देता है। गिरोह के सदस्य कैमरे से फोटो खींच लेते है। इसके बाद प्रश्न पत्र किंगपिन के पास पहुंच जाता है।

कोचिंग सेंटरों को फ्रेंचाइजी
लेकिन गैंग का सरगना प्रश्न पत्र को किसी नहीं को नहीं देता है। फ्रेंचाइजी वाले कोचिंग सेंटरों को कहता है कि तुम 30 से 35 लाख में सौदा करो। इसके बाद फ्रेंचाइजी का खेल शुरू हो जाता है। फ्रेंचाइजी के रूप में कई कोचिंग संस्थानों के नाम आ रहे हैं। जो 30 से 32 लाख रुपए में प्रश्न पत्र देने की जानकारी गार्जियन को देते हैं।

एक रात पहले बड़ा खेल
लेकिन कोचिंग सेंटर यह भी बताते हैं कि आपके बच्चे को परीक्षा के एक रात पहले कब्जे में ले लिया जाएगा। फिर वैसे बच्चों को होटल या रिजॉर्ट बुक कराकर वहां ले जाया जाता है। लेकिन उन्हें प्रश्न पत्र नहीं दिया जाता है। बल्कि परीक्षा के एक रात पहले उन्हें सवाल-जवाब रटाया जाता है। हजारीबाग में बीपीएससी सहायक शिक्षक परीक्षा के दौरान 18 परीक्षार्थियों की गिरफ्तारी की गई थी। जो इसी तरह से पटना से हजारीबाग के एक होटल में लाकर रखे गए थे। इसी दौरान बिहार पुलिस ने छापेमारी कर दी और परीक्षार्थियों को गिरफ्तार कर लिया था।

कूरियर के माध्यम से संबंधित जिला मुख्यालय में भेजे जाते हैं प्रश्न पत्र
प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्न पत्र निकलने के बाद कूरियर के माध्यम से संबंधित जिला प्रशासन के पास पहुंचता है जहां से ट्रेजरी में रखा जाता है या फिर बैंकों में रखा जाता है। लोगों का कहना है कि प्रिंटिंग प्रेस में यह गिरोह सक्रिय है। कुछ समय पहले बीपीएससी के अध्यक्ष सुधीर कुमार को भी हजारीबाग से गिरफ्तार किया गया था।

पांच जून को थी परीक्षा चार को ही हो गया था कॉपी लीक
सूत्रों का कहना है कि पांच जून को यूजी नीट की परीक्षा थी। जबकि चार जून को ही इसका कॉपी लीक हो गया था। इसकी बरामदगी पटना में की गई थी। सूत्रों का कहना है कि बड़ौदा से प्रश्न पत्र निकालने के बाद पेपर जिस कूरियर कंपनी के माध्यम से आ रहा था, बीच रास्ते में ही संजीव मंडल के गिरोह ने सीलबंद बक्से को खोल दिया और उसकी फोटो कॉपी कर पटना भेज दी जो बाद में पटना में जले हुए हालात में बरामद हुआ था।

हजारीबाग के डीएसपी नीरज ने बताया, पटना में लीक हुए प्रश्न पत्र को हजारीबाग के किसी परीक्षा केंद्र से जोड़ कर देखना प्रथम दृष्टया अभी उचित नहीं जान पड़ रहा है क्योंकि यह सर्वविदित है कि पांच मई को परीक्षा थी। परीक्षा केंद्र में पांच मई को पेपर पहुंचे और चार मई को ही पटना में बुकलेट बरामद हुआ है। ऐसे में ट्रांसपोर्टिंग में ही कहीं दिक्कत दिख रही है।