ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News झारखंडहेमंत सोरेन को कोर्ट से बड़ा झटका, नहीं मिली बजट सत्र में भाग लेने की परमिशन; याचिका खारिज

हेमंत सोरेन को कोर्ट से बड़ा झटका, नहीं मिली बजट सत्र में भाग लेने की परमिशन; याचिका खारिज

महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने हेमंत सोरेन की ओर से दलील दी थी कि 'पूर्व सीएम अनुमति के पात्र हैं क्योंकि इससे पहले 3 फरवरी को अदालत ने उन्हें 5 फरवरी को शक्ति परीक्षण में भाग लेने की अनुमति दी थी।'

हेमंत सोरेन को कोर्ट से बड़ा झटका, नहीं मिली बजट सत्र में भाग लेने की परमिशन; याचिका खारिज
Devesh Mishraराज कुमार (हिन्दुस्तान टाइम्स),रांचीThu, 22 Feb 2024 03:52 PM
ऐप पर पढ़ें

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। राजधानी रांची में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत ने गुरुवार को पूर्व सीएम की 23 फरवरी से निर्धारित झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगने वाली याचिका खारिज कर दी है। सिविल कोर्ट के एक वकील ने कहा कि इस संबंध में अदालत का आदेश दोपहर को आया है।

हेमंत सोरेन के वकील प्रदीप चंद्रा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा, 'मुझे अभी तक विस्तृत आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है।' बता दें कि इस मामले में दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने हेमंत सोरेन की ओर से दलील दी थी कि 'पूर्व सीएम अनुमति के पात्र हैं क्योंकि इससे पहले 3 फरवरी को अदालत ने उन्हें 5 फरवरी को शक्ति परीक्षण में भाग लेने की अनुमति दी थी।' इसके अलावा उन्होंने कहा कि इससे पहले भाजपा विधायक ढुल्लू महतो और नलिन सोरेन को भी इसी तरह की परिस्थिति में विधानसभा में भाग लेने की अनुमति दी गई थी।

वहीं ईडी के वकील जोहेब हुसैन ने दिल्ली से वर्चुअली कोर्ट में पेश होकर याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 'न्यायिक हिरासत में किसी व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार निलंबित हो जाता है' और 'ट्रायल कोर्ट को इस मामले में कोई आदेश नहीं देना चाहिए।'

गौरतलब है कि हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को जमीन के अवैध कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह 13 दिनों तक ईडी की रिमांड में रहे। ईडी हिरासत में रहते हुए उन्होंने 5 फरवरी को विश्वास मत में हिस्सा लिया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और विधानसभा सत्र के दौरान फिर से उपस्थित रहना चाहते हैं। हालांकि एक विशेष अदालत ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दी है। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें