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18 अक्तूबर, 2020|12:26|IST

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झारखंड की बच्चियां स्वास्थ्य के क्षेत्र में अलग पहचान बनाएंगी : हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को चान्हो नर्सिंग कौशल कॉलेज की छात्राओं के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया। यह कॉलेज अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की एसपीवी प्रेझा फाउंडेशन द्वारा संचालित है। 

प्रोजेक्ट भवन में आयोजन समारोह में मुख्यमंत्री ने एएनएम का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं से कहा कि वह प्रशिक्षण पूरा हुआ जिसकी परिकल्पना की थी। बतौर नर्स इनकी नई जिंदगी की शुरुआत हो रही है। देश के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई कड़ी के रूप में जुड़कर सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। भविष्य को सुनहरा बनाने में यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची के चान्हो के अतिरिक्त चाईबासा, सरायकेला, साहिबगंज में भी बच्चियों को नर्सिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही वहां की हुनरमंद बच्चियां भी आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगी। इस मौके पर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ राजीव अरुण एक्का, सचिव डॉ अमिताभ कौशल, आदिवासी कल्याण आयुक्त हर्ष मंगला और नवनियुक्त नर्स उपस्थित थीं।

सांकेतिक तौर पर नियुक्ति पत्र सौंपा
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी 111 में से 35 बच्चियों को सांकेतिक तौर पर नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके सुखद भविष्य की कामना की। प्रेझा फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि जिन गरीब परिवारों की प्रतिदिन की कमाई 200 रुपए थी उनकी बच्चियों को ढाई लाख रुपए सालाना के पैकेज पर अपोलो, क्लाउड-9 जैसे अस्पतालों में रोजगार मिला है। प्रशिक्षण के साथ शत-प्रतिशत रोजगार दिया गया है। 

झारखंड की महिलाओं और बच्चियों की अलग पहचान बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की महिलाओं और बच्चियों की देश-दुनिया में एक अलग पहचान बनेगी। विशेषकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इनका अलग स्थान होगा। उन्होंने कहा कि 2012 के दौरान जब वह सरकार में थे, तब झारखंड की बच्चियों की पहचान दाई के रूप में थी, जबकि दक्षिण भारत की महिलाएं खुद को स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्थापित कर चुकी थीं। अब झारखंड की महिलाओं की नई पहचान बनेगी। नर्स के रूप में इसकी शुरुआत हो चुकी है। 

प्रेझा के कार्यों की सराहना की : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेझा फाउंडेशन ने कोरोना के दौर में विश्वस्तरीय लेबोरेटरी की स्थापना की। ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी, अनुसूचित वर्ग के युवक-युवतियों को अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रेझा ने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने में भूमिका निभाई है। सेल्फ फाइनेंस मॉडल के इस प्रशिक्षण को पूरा कराने में एचडीएफसी बैंक की भूमिका भी सराहनीय है। 

बेहतरी का प्रयास होता रहेगा : मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि चान्हो नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ। यह पहला बैच है। आज उन्हें नियुक्ति पत्र मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बच्चियों को प्रशिक्षण देने का कार्य निरंतर संचालित है। इसे और बेहतर करना है ताकि गरीब परिवार की बच्चियों को अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इन छात्राओं को सेवा करने का अवसर मिलेगा।


 

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  • Web Title:Girls of Jharkhand will make a distinct identity in the field of health: Hemant