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इन नन्हें फरिश्तों की दरियादिली से भर आईं आखें, दोस्ती हो तो ऐसी

वैसे तो सच्ची दोस्ती की दुनिया में कई मिसालें मौजूद हैं, पर सात साल की कच्ची उम्र में दोस्त के लिए इतना समर्पण शायद ही देखने को मिले। हुआ यूं कि साकची स्थित रेडक्रॉस सोसाइटी में चल रहे नि:शुल्क नेत्र जांच सह ऑपरेशन शिविर में शनिवार को पोटको के शंकरदा पंचायत के बाघमारा गांव से जगन्नाथ मुर्मू अपने सात वर्षीय मोतियाबिंद ग्रसित बच्चे खेन्का मुर्मू का इलाज कराने पहुंचे थे।

इस दौरान खेन्का आंखों पर चश्मा लगाए चुपचाप बैठा था। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों शिवम सिंह, शुभम प्रसाद तथा अनन्त प्रसाद ने उससे जाकर बातचीत शुरू की और कुछ ही देर में सभी की पक्की दोस्ती हो गई। खेन्का को शांत बैठा देखकर उन्होंने कारण पूछा तो रेडक्रॉस के मानद सचिव विजय सिंह ने बताया कि उसे मोतियाबिंद है, जिसके कारण वह देख नहीं सकता। इसके लिए इलाज में काफी पैसे लगने हैं।

फिर क्या देखते ही देखते खेन्का के तीनों नये दोस्त अपना-अपना गुल्लक ले आए और रेडक्रॉस के डॉक्टरों को सौंपते हुए कहा कि वे इन पैसों से खेन्का का ऑपरेशन कर दें। जरूरत पड़ी तो वे अपने मम्मी-पापा से और पैसे मांग कर ले आएंगे। 

बच्चों को इस गहरी दोस्ती और खेन्का के प्रति प्यार को देखकर डॉ. बीपी सिंह ने घोषणा की कि वे अपने क्लीनिक में खेन्का का नि:शुल्क ऑपरेशन करेंगे। वहीं टाटा मोटर्स के एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ. अशोक जाडोन ने भी बच्चे का नि:शुल्क इलाज करने का वादा किया। रेडक्रॉस के विजय सिंह ने बताया कि बच्चे की आंखों की जांच पूरी कर ली गई है। अब मंगलवार को उसका ऑपरेशन किया जाएगा। 

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  • Web Title:Friends handed over piggy bank for cataract operation of friend