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नशीली दवा की बिक्री में चार कारोबारियों को 29 वर्ष की सजा, पिछले साल हुई थी बरामदगी

जमशेदपुर संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Fri, 10 Sep 2021 10:24 PM
नशीली दवा की बिक्री में चार कारोबारियों को 29 वर्ष की सजा, पिछले साल हुई थी बरामदगी

नशीली दवाइयों के कारोबार में चार आरोपियों को शुक्रवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश- 2 अजीत कुमार सिंह की अदालत ने दोषी पाया। इसके बाद एनडीपीएस और कॉस्मेटिक एक्ट के तहत चार सेक्शन में 29 वर्ष (अलग-अलग) कारावास की सजा सुनाई। 

सेक्शन के अनुसार, दोषियों पर अलग-अलग कुल तीन लाख 40 हजार जुर्माना का आदेश हुआ है। दोषियों में राजकुमार गुप्ता व नीरज कुमार गुप्ता काशीडीह व धनंजय वर्मा, निखिल केसरी बागबेड़ा शामिल हैं। अदालत में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने पक्ष रखते हुए पुलिस रिपोर्ट पर बहस की। अपर लोक अभियोजक ने आरोपपत्र के अनुसार, अदालत में दो पुलिस पदाधिकारी, तीन ड्रग इंस्पेक्टर समेत 13 गवाहों का परीक्षण कराया था।

गवाहों ने पुलिस की जांच रिपोर्ट एवं ड्रग विभाग की एफआईआर व जब्ती सूची का समर्थन किया। जब्त दवा की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट में नशीला होने की पुष्टि हुई थी। अपर लोक अभियोजक के अनुसार, चारों आरोपियों पर सेक्शन 25 (ए) में एक वर्ष सजा व 20 हजार जुर्माना, सेक्शन 22 (3) में तीन वर्ष सजा व 20 हजार जुर्माना, सेक्शन 27 (बी) में पांच वर्ष सजा व एक लाख जुर्माना और सेक्शन 22 (सी) में 20 वर्ष सजा व दो लाख जुर्माने का आदेश हुआ है। उन्होंने बताया कि चार सेक्शन की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। 

ड्रग इंस्पेक्टर ने दर्ज कराया था केस: ड्रग इंस्पेक्टर कुंज बिहारी, राजीव एक्का व जया आईन की टीम ने 1 जुलाई 2020 को गुप्त सूचना पर गोलमुरी स्थित टीसीआई ट्रांसपोर्ट के पास छापेमारी की थी। जहां से टेम्पो पर लोड नशीली दवाइयां अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल को बरामद किया गया था। जांच के दौरान चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोषियों द्वारा दवा से जुड़ी किसी तरह का कागजात व कंपनी का लेटर नहीं दिखाने पर गोलमुरी पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर राजीव एक्का के बयान पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

एक लाख 44 हजार टेबलेट बरामद: पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने टेम्पो से 12 पेटी में 20 लाख की नशीली दवा बरामद कर पुलिस को सौंपा था। जांच के दौरान 12 पेटी से एक लाख 44 हजार अल्प्राजोलम व ट्रामाडोल टैबलेट मिला था। इधर, अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि नशीली दवाओं की संख्या समेत गवाहों द्वारा अभियोजन का समर्थन करने से दोष सिद्ध व सजा हुई है। 

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