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झारखंड में पांच विपक्षी दल मिलकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव 

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झारखंड में विधानसभा चुनाव विपक्षी महागठबंधन मिलकर लड़ेगा। चार प्रमुख विपक्षी दलों के साथ वामदलों ने भी मिलकर चुनाव लड़ने का सामुहिक फैसला लिया है। कौन दल कितनी सीटों पर लड़ेगा, 31 जुलाई तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। बुधवार को झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस, राजद, झाविमो और वामदलों के नेता शामिल हुए। 

सीटों के बंटवारे को लेकर समझौते में पहली शर्त रखी गई है कि 2014 में जिस दल ने जितनी सीटें जीती है, वे सीटें उसी दल के पास रहेगी। दूसरे स्थान वाली सीटों को लेकर सभी दल एक बार फिर बैठकर फैसला लेंगे। सीटिंग गेटिंग का फार्मूला को सीट बंटवारे का मौलिक आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा शेष बची सीटों पर जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर सभी दल सीटों के समझौतों को अंतिम रूप देंगे। 

सात दिनों के अंदर सभी दल अपनी अपनी दावेदारी की सीटों को लेकर पूरा विवरण तैयार कर लेंगे। इसी बीच 16 जुलाई को सभी वामदल आपस में बैठकर सीटों को लेकर बातचीत करेंगे। उनका प्रस्ताव भी लेकर सीट बंटवारे के फार्मूले को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

बैठक में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के अलावा केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह व पूर्व विधायक रामचंद्र सिंह चेरो, झाविमो के केंद्रीय सचिव सरोज कुमार सिंह, मासस के विधायक अरूप चटर्जी शामिल हुए।  
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विपक्षी दल चाहता है बैलेट पेपर से चुनाव हो – हेमंत सोरेन
नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान में जिन-जिन सीटों पर राज्य के प्रमुख विपक्षी दलों का कब्जा है, वह सीट उन्हीं की पार्टी को मिलेगी, चाहे वह दल किसी को चुनाव लड़ाएं। उन्होंने कहा कि इवीएम मशीन को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है और आगे भी चर्चा होगी। सभी विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि राज्य में किसी भी प्रकार का चुनाव हो, वह बैलेट पेपर से हो। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। 
उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि राज्य की महत्वपूर्ण वामदल भी महागठबंधन का हिस्सा बने,ताकि भाजपा सरकार को राज्य में ठिकाने लगाया जा सकें। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी होगी, अगर सभी विपक्षी दल एक होकर राज्य के विधानसभा चुनाव में भाग लें, इससे यह होगा कि भाजपा सरकार को सत्ता में आने में पसीने छूट जायेंगे। वे निरन्तर प्रयास में हैं, और इसका फायदा जरूर दिखेगा।

' मुख्यमंत्री के सपने में आते हैं हेमंत सोरेन '
पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास उनके तथा उनके परिवार पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं,  वो ऐसे ही नहीं कर रहे हैं।  दरअसल हेमन्त सोरेन उनके अब सपने में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हेमन्त सोरेन को उनके सपने में आना भी चाहिए,  क्योंकि जो करतूत उन्होंने किये हैं, उनका सही जवाब देने की ताकत हेमन्त सोरेन और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ही रखता है।  इसलिए वे रात-दिन हेमन्त-हेमन्त और हमारे परिवार का नाम भज रहे हैं। बस समय का इंतजार कीजिये, उन्हें जवाब मिलेगा, और जरुर मिलेगा।


 

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  • Web Title:Five Opposition parties will fight together in Jharkhand Assembly elections