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झारखंड: सरेंडर करने वाले उग्रवादी के परिवार को भी मिल सकेगी पुलिस में नौकरी

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झारखंड सरकार ने सरेंडर करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास पैकेज व इसके निष्पादन प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

नए आदेश के मुताबिक, अब सरेंडर करने वाले उग्रवादी के खिलाफ कोई कांड न्यायालय में लंबित हो या जांच चल रही हो तो उसके परिवार के किसी सदस्य को पुलिस में सिपाही, होमगार्ड या एसपीओ के तौर पर बहाल किया जा सकेगा। सरेंडर करने वाले उग्रवादी को मिलने वाले अनुदान राशि में भी बढ़ोरती की गई है। पूर्व में अनुदान राशि पांच लाख थी, इसे बढ़ाकर छह लाख कर दिया गया है। आग्नेयास्त्र व गोला बारूद के साथ सरेंडर करने पर भी अधिक राशि देने का प्रावधान किया गया है। पुलिस मुख्यालय के द्वारा दी गई सूचना के मुताबिक, पूर्व में प्रोत्साहन की राशि एवं अन्य लाभ सरकार के द्वारा अनुमोदित पैकेज के अधीन दिया जाते थे जिसे बदलकर अब सभी लाभ एवं प्रोत्साहन राशि जिला पुनर्वास समिति द्वारा स्वीकृत पैकेज के अधीन दिया जायेगा। 

प्रधानमंत्री आवास योजना के तक मिलेगा आवास के लिए पैसा
पूर्व में सरेंडर करने वाले उग्रवादियों को एक आवास निर्माण के अधिकतम 50 हजार की राशि देय थी, जिसे बढ़ाकर अब प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्णित राशि आवास निर्माण हेतु आवंटित जमीन की स्थिति के अनुसार होगी। सरेंडर करने वाले उग्रवादी के आश्रितों की शिक्षा के लिए पूर्व में  25 हजार रुपये मिलते थे, इस राशि को बढ़ाकर 40 हजार कर दिया गया है। आत्मसमर्पण करने के बाद उग्रवादियों द्वारा  अगर मारा जाता है तो उसके परिवार को अनुकम्पा के आधार पर सरकार द्वारा नौकारी दी जाएगी।

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  • Web Title:family member of militant got job in police if they surrender said jharkhand government