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गार्जियन के सुझाव पर पाठ्यक्रम बनाएगा झारखंड का शिक्षा विभाग 

राज्य के प्रारंभिक स्कूलों के बच्चे क्या पढ़ेंगे, यह अब उनके अभिभावक तय करेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने एक पोर्टल तैयार किया है। इसमें अभिभावक या फिर आमलोग अपने सुझाव देंगे। इसी आधार पर पाठ्यक्रम तैयार किये जायेंगे। इसमें वर्तमान में चल रही शिक्षा नीति से लेकर उसकी प्रक्रिया, खामियां और उसके सुधार पर लोगों की राय ली जायेगी। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसे लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) की वेबसाइट पर इसकी व्यवस्था की है। साथ ही जेईपीसी के ई-मेल (जी-मेल) पर भी सुझाव दिये जा सकेंगे। हर महीने पांचवी तारीख से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके तहत अभिभावकों को स्कूल का कैसा माहौल होना चाहिए, पाठ्यक्रम कैसा हो, शिक्षक कैसे हों, इसके सुझाव देने होंगे। 

नई शिक्षा नीति को लेकर हो रहा प्रयास
राज्य सरकार प्रारंभिक स्कूलों में नई शिक्षा नीति लागू करना चाहती है। इसके लिए यह प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों के सुझाव के आधार पर ही बदलाव कर नई शिक्षा नीति तय की जायेगी। सरकारी स्कूलों में नामांकन दर की गिरावट और ड्रॉपआउट को देखते हुए सरकार इसमें बदलाव करना चाहती है। साथ ही कठिन पाठ्यक्रम को सरल बनाना चाहती है, ताकि छात्र-छात्राओं सरल तरीके से उसे पढ़ सकें और समझ सकें।

2020 से हो सकेगा बदलाव
राज्य की शिक्षा नीति में 2020 से बदलाव हो सकेगा। इसकी प्रक्रिया इस साल पूरी कर ली जायेगी और बदलाव के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार किया जायेगा। इसके बाद इसे स्कूलों में उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि छात्र-छात्राएं इसे पढ़ सकें। 

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  • Web Title:Education Department of Jharkhand will make courses on suggestions of the Guardian