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Hindi News झारखंडनौकर के घर कैसे नोटों का अंबार? ED का दावा- ग्रामीण विकास विभाग में ऊपर से नीचे तक हो रही थी उगाही

नौकर के घर कैसे नोटों का अंबार? ED का दावा- ग्रामीण विकास विभाग में ऊपर से नीचे तक हो रही थी उगाही

ईडी ने रांची की एक अदालत में आरोप लगाया कि झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के सचिव ने प्रभावशाली लोगों से निविदाओं पर कमीशनखोरी कर के अवैध रकम जमा की। पढ़ें ईडी ने क्या लगाए आरोप...

नौकर के घर कैसे नोटों का अंबार? ED का दावा- ग्रामीण विकास विभाग में ऊपर से नीचे तक हो रही थी उगाही
Krishna Singhपीटीआई,रांचीTue, 07 May 2024 06:13 PM
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ईडी ने मंगलवार को रांची की एक अदालत में आरोप लगाया कि झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के सचिव ने कुछ प्रभावशाली लोगों की ओर से निविदाओं पर कमीशन जमा किया। ईडी ने यह भी दावा किया कि आलमगीर आलम के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी 'ऊपर से नीचे' तक इस अवैध उगाही में कथित तौर पर शामिल थे। केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को 52 वर्षीय संजीव कुमार लाल और उनके 42 वर्षीय घरेलू सहायक जहांगीर आलम को तलाशी के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रांची में एक फ्लैट से 32.20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए, जहां रेलू सहायक जहांगीर आलम रह रहा था।

ईडी ने कुल 36.75 करोड़ रुपये की जब्ती की है। एजेंसी ने अन्य स्थान से लगभग 3 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। इसमें लाल के ठिकाने से 10.05 लाख रुपये की जब्ती शामिल हैं। यही नहीं मंगलवार को भी एक ठेकेदार के परिसर पर छापेमारी हुई और 1.50 करोड़ रुपये जब्त किये गये। ईडी ने यह जब्ती ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में की। ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम के सचिव लाल और जहांगीर आलम को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किया गया। प्रभात कुमार शर्मा की अदालत ने उन्हें छह दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। 

बता दें कि ईडी ने पूछताछ के लिए लाल और जहांगीर आलम की हिरासत की मांग की। ईडी ने अदालत में जमा किए गए अपने रिमांड कागजात में कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि संजीव लाल कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की ओर से जमा किए गए कमीशन की देखभाल करता है। इस उगाही के प्रबंधन में उसकी भूमिका बेहद अहम है। निविदाओं और इंजीनियरों से कमीशन की वसूली के साथ-साथ कमीशन का उक्त प्रतिशत सरकार के उच्च अधिकारियों को भी बांटा जाता है। एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले में वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं के नाम सामने आए हैं। मामले की सघन जांच की जा रही है।

वहीं इस मसले पर सियासत गर्म है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बीजेपी के चुनाव प्रचार के दौरान अपने भाषणों में इस जब्ती का जिक्र कर चुके हैं। हालांकि विपक्षी दलों ने दावा किया है कि ईडी की कार्रवाई उनके नेताओं के खिलाफ हमला था। वहीं 70 वर्षीय आलमगीर आलम (Jharkhand Minister Alamgir Alam) ने खुद को लाल की गतिविधियों से अलग कर लिया है। मंत्री ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लाल पहले भी राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं।