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Hindi News झारखंडपत्नी को गिफ्ट का लालच तो कभी काला जादू; झारखंड जमीन घोटाले की जांच में ED ने कैसी बिछाई जाल

पत्नी को गिफ्ट का लालच तो कभी काला जादू; झारखंड जमीन घोटाले की जांच में ED ने कैसी बिछाई जाल

जून, 2022 में ईडी ने अपना पहला तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। इस दौरान ऑपरेशन को गोपनीय रखने को लेकर पूरा ध्यान दिया गया। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान के लिए 90 अधिकारियों की मांग रखी गई।

पत्नी को गिफ्ट का लालच तो कभी काला जादू; झारखंड जमीन घोटाले की जांच में ED ने कैसी बिछाई जाल
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Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 30 Jan 2024 12:50 PM
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास की तलाशी ली जहां से 36 लाख रुपये, एक एसयूवी और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं। दरअसल, ईडी टीम झारखंड के भूमि और पत्थर खनन घोटाले की जांच कर रही है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के कर्मचारियों के नाम पर होटल बुक करना, सम्मेलन की आड़ में छापे के लिए रांची में अधिकारियों को इकट्ठा करना, दिवाली ऑफर कॉल के जरिए पत्नी को प्रलोभन देकर फरार आरोपी को गिरफ्तार करना, सीनियर IAS ऑफिसर की पत्नी के काले जादू की हरकतों का सामना करना... ये ED अधिकारियों की ओर से उठाए गए ऐसे कदम हैं जिससे इस मामले के आरोपियों को पकड़ा जा सका।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 2 साल से इस घोटाले को लेकर ईडी टीम जांच में लगी हुई है। इस केस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और 6 सीनियर आईएएस व आईपीएस अधिकारी भी रडार पर हैं। दरअसल, झारखंड को छापेमारी के लिहाज से एक कठिन राज्य माना जाता है। खासतौर से साहिबगंज जैसे दूरदराज के इलाके, जहां पत्थर की खदानों की संख्या सबसे अधिक है। राजधानी रांची से साहिबगंज के बीच की दूरी 435 किलोमीटर है। यहां सड़क से पहुंचने में लगभग 11-12 घंटे लग जाते हैं। जांच अधिकारी इसे लेकर शुरू में काफी परेशान रहे।

ऑपरेशन को ऐसे रखा गया गोपनीय
जून, 2022 में ईडी ने यहां अपना पहला तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। इस दौरान ऑपरेशन को गोपनीय रखने को लेकर पूरा ध्यान दिया गया। ईडी ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान के लिए 90 अधिकारियों की मांग की थी। इन लोगों ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अधिकारियों के नाम पर साहिबगंज और उसके आसपास के इलाकों में रूम बुक किए। इसी तरह, ईडी टीम ने सीएम सोरेन के करीबी को अरेस्ट करने के लिए एक गुप्त ऑपरेशन प्लान किया। अधिकारियों ने प्रमोशनल कॉल बताकर उसकी पत्नी को फोन किया। उन्होंने महिला को दिवाली गिफ्ट देने की पेशकश की। हालांकि, शर्त यह रही की तोहफा तभी मिलेगा जब वो अपने पति के साथ होगी। इस तरह आरोपी को पकड़ा गया।

जांच से बचने के लिए 'काला जादू' करने के चर्चे
इसी तरह, कुछ आरोपियों की ओर से जांच से बचने के लिए 'काला जादू' करने की बात भी सामने आई। फोन कॉल की रिकॉर्डिंग से पता चला कि एक IAS अधिकारी की पत्नी ने भी इस तरह के अनुष्ठान कराए थे। बता दें कि ईडी की एक टीम भूमि धोखाधड़ी मामले में धनशोधन जांच को लेकर पूछताछ के लिए सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पहुंची। अधिकारी यहां पर 13 घंटे से अधिक समय तक डेरा डाले रहे। इस दौरान उन्होंने परिसर की तलाशी ली। सूत्रों ने दावा किया कि सोरेन 'लापता' हैं और जांच एजेंसी उनसे संपर्क नहीं कर पाई है। सोरेन 27 जनवरी को रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उनकी पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह निजी काम से गए हैं और वह लौट आएंगे। 

अब तक इस मामले में 14 लोग गिरफ्तार
ईडी अधिकारियों के रांची में सोरेन के आधिकारिक आवास पर पहुंचने के बाद 20 जनवरी को मामले में पहली बार मुख्यमंत्री का बयान दर्ज किया गया था। उन्होंने उनके आवास पर करीब 7 घंटे बिताने के दौरान पीएमएलए के तहत उनका बयान दर्ज किया था और मुख्यमंत्री से 17-18 सवाल पूछे थे। ED ने कहा कि यह जांच झारखंड में माफिया की ओर से भूमि के स्वामित्व में अवैध परिवर्तन से जुड़े बड़े रैकेट से संबंधित है। ईडी ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2011 बैच के IAS अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं। वह राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)