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प्रेम प्रकाश का अफसरों से कनेक्शन, सुप्रीम कोर्ट में ED का हलफनामा; नहीं मिलेगी बेल ?

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में दानिश रिजवान नाम के गवाह का जिक्र करते हुए बताया है कि सीएम हाऊस से जुड़ा एक प्रमुख शख्सियत लगातार प्रेम प्रकाश के संपर्क में था।

प्रेम प्रकाश का अफसरों से कनेक्शन, सुप्रीम कोर्ट में ED का हलफनामा; नहीं मिलेगी बेल ?
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीSun, 10 Dec 2023 11:13 AM
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ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर प्रेम प्रकाश की जमानत याचिका का विरोध किया है। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे के अनुसार अगर प्रेम प्रकाश को जमानत मिलती है तो वह केस को प्रभावित कर सकता है क्योंकि उसका सीधा संपर्क सीएम हाऊस से जुड़े लोगों तथा वरिष्ठ नौकरशाहों से है।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में दानिश रिजवान नाम के गवाह का जिक्र करते हुए बताया है कि सीएम हाऊस से जुड़ा एक प्रमुख शख्सियत लगातार प्रेम प्रकाश के संपर्क में था। जनवरी या फरवरी 2023 में प्रेम प्रकाश ने 10 लाख का पेमेंट ईडी के गवाह विजय हांसदा को कराया था। इसके बाद ही विजय हांसदा ईडी के केस में हॉस्टाइल हो गया। बाद में विजय हांसदा ने ईडी के अफसरों पर केस भी कराया था। सुप्रीम कोर्ट को ईडी ने बताया है कि विजय हांसदा के केस को मैनेज करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने ही दिल्ली के लिए टिकट तक का इंतजाम किया था।

ईडी अफसरों के खिलाफ भी रची जाती है साजिश

सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में जिक्र है कि सरकार तथा उसके उच्च पदस्थ अधिकारियों से प्रेम प्रकाश की नजदीकी के कारण एजेंसी को अनुसंधान तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ईडी अफसरों के खिलाफ भी साजिश तक रची जाती है। वह भी तब जब आरोपी जेल में बंद है। हलफनामे में जिक्र है कि प्रेम प्रकाश के खिलाफ एक केस में ट्रायल शुरू हो गया है, जबकि दूसरे में ट्रायल होना है। लेकिन कुछ गवाहों ने सुरक्षा कारणों से एजेंसी को सहयोग करने पर चिंता जतायी है।

प्रेम के साथ साजिश रचने में हामिद अख्तर-नसीम खान

ईडी ने हलफनामें में जिक्र किया है होली की पूर्व संध्या पर प्रेम प्रकाश की मुलाकात एक युवती से करायी गई थी। युवती के साथ तीन सिपाही भी थे। सभी पुलिस की वर्दी में जेल पहुंचे थे। इस दौरान युवती को प्रेम प्रकाश ने ईडी अफसरों को फंसाने के लिए कई सारे निर्देश दिए थे। जेल में शराब, मोबाइल फोन भी जेल अधिकारी प्रेम प्रकाश को उपलब्ध कराते थे। ईडी के अधिकारियों को फंसाने के मामले में प्रेम प्रकाश के साथ साजिश में तत्कालीन जेल अधीक्षक हामिद अख्तर व जेलर नसीम खान शामिल थे। ये प्रेम प्रकाश को सुविधाएं पहुंचाते थे। शुरुआत में बिरसा जेल में प्रेम की मुलाकात माओवादियों से करायी गई थी। बाद में ईडी अफसर को टारगेट करने के लिए जेल में बंद गैंगस्टर से भी मदद लेने की कोशिश की गई थी। प्रेम प्रकाश के लिए जेल के 11 ए वार्ड को खाली कराया गया था, वह अपने चार सेवादारों के साथ इस वार्ड में रखता था। सुप्रीम कोर्ट को सौंपे हलफनामे में इससे संबंधित फुटेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

झारखंड पुलिस ने एके 47 मामले को कवर-अप किया

ईडी ने हलफनामा में बताया है कि सीएम सुरक्षा के दो जवानों का एके 47 हथियार 24 अक्तूबर को प्रेम प्रकाश के यहां से मिला। लेकिन कार्रवाई करने के बजाय राज्य पुलिस ने इसे कवर अप करने के लिए प्रेस विज्ञप्ति तक जारी किया। पुलिस की भूमिका प्रेम प्रकाश के प्रभाव को छिपाने की थी।

वरिष्ठ आईएएस अफसरों से प्रेम की नजदीकियां

सुप्रीम कोर्ट के हलफनामे में जिक्र है कि प्रेम प्रकाश की नजदीकियां राज्य पुलिस के कई वरिष्ठ नौकरशाहों से है। एक वरिष्ठ आईएएस अफसर के साथ प्रेम प्रकाश की नजदीकी का जिक्र भी किया गया है। हलफनामे में जिक्र है कि उक्त अफसर ने ही तकरीबन छह साल पहले एक पत्र सरकार को लिखा था जिसमें प्रेम प्रकाश को बॉडीगार्ड देने के लिए लिखा गया था। इस पत्र की कॉपी भी हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में दी गई है।

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