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अमन सिंह हत्याकांड: प्रतापगढ़ में शूटर रितेश यादव के घर पहुंची धनबाद पुलिस

Aman Singh Murder News: अमन सिंह को गोलियों से भूनने वाला कथित सुंदर महतो असल में रितेश यादव ही है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की इस खबर पर प्रतापगढ़ पहुंची धनबाद पुलिस ने मुहर लगा दी।

अमन सिंह हत्याकांड: प्रतापगढ़ में शूटर रितेश यादव के घर पहुंची धनबाद पुलिस
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,प्रतापगढ़ धनबादThu, 07 Dec 2023 10:15 AM
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अमन सिंह को गोलियों से भूनने वाला कथित सुंदर महतो असल में रितेश यादव ही है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की इस खबर पर प्रतापगढ़ पहुंची धनबाद पुलिस ने मुहर लगा दी। हिन्दुस्तान ने सबसे पहले खुलासा किया था कि पकड़े गए सुंदर का वास्तविक नाम रितेश यादव है। वहां रानीगंज सीओ विनय प्रभाकर साहनी के साथ सत्यापन के लिए स्पेशल टीम प्रतागढ़ देल्हूपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर स्थित रितेश के घर पहुंची। धनबाद पुलिस की जांच में सामने आया कि उसपर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। चार माह पहले प्रयागराज के एक छिनतई की घटना में वह शामिल था। इसके अलावा अपनी मौसी के घर प्रतापगढ़ में मारपीट के मामले का भी वह आरोपी है।

सूरत में काम करता है पिता, मां हैं आशाकर्मी
रितेश यादव के पिता इंद्रपाल यादव सूरत में काम करते हैं। उसकी मां आशा कार्यकर्ता केसरी देवी यादव ने पुलिस को बताया कि रितेश का बचपन में एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद वह बदल गया। चर्चा के अनुसार वह मुन्ना बजरंगी गिरोह के एक सदस्य के संपर्क में आया और प्रायोजित बाइक चोरी में 25 नवंबर को धनबाद जेल पहुंच गया। वहां उसने अमन सिंह पर गोलियां बरसाईं। उसके पास सुंदर महतो के नाम से फर्जी आधार कार्ड के साथ-साथ वोटर आईडी भी है।

हत्या से ठीक पहले धमकी
कुख्यात अमन सिंह की चौखट पर मौत दस्तक दे रही थी, लेकिन अपनी मौत से अंजान अमन सिंह किसी और की जिंदगी छीनने की धमकी दे रहा था। खुलासा हुआ है कि हत्या से ठीक 15 से 20 मिनट पहले उसने जोड़ापोखर के किसी व्यवसायी को रंगदारी नहीं देने पर मौत की नींद सुलाने की धमकी दी थी। व्यवसायी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी है।

पुलिस और जेल की जांच करने पहुंचे अफसरों को जानकारी मिली है कि अमन हमेशा जेल में अपने साथ मोबाइल रखता था, लेकिन हत्या के बाद जेल में कई बार हुई छानबीन में अमन सिंह के मोबाइल का पता नहीं चल सका। अमन की कथित गर्लफ्रेंड भी मोबाइल रखती थी, उसका मोबाइल भी छापेमारी दल के हाथ नहीं लग पाया। दोनों का मोबाइल पुलिस और जेल प्रशासन के लिए रहस्य बन गया। पुलिस को जानकारी मिली है कि बड़े से हॉटपॉट में छिपा कर अमन सिंह और उसकी गर्लफ्रेंड का मोबाइल रखा जाता था। इधर, पुलिस गर्लफ्रेंड की जब्त पेन ड्राइव की जांच कर रही है।

दिवाली के दिन गुर्गों के लिए मंगाई थीं मिठाइयां
संसारिक सुख से दूर जेल में रह रहे अपने खास गुर्गों के लिए अमन सिंह ने दीपावली के लिए मिठाइयां मंगाई थीं। जांच में इसका खुलासा हुआ है। 12 नवंबर को जेल में जमकर मिठाइयां बंटी थीं। जेल प्रशासन और कर्मियों की मदद से बंदियों ने अंदर दिवाली का जश्न मनाया था। जांच में पता चला है कि धनबाद जेल के महिला वार्ड में बंद अमन सिंह की कथित गर्लफ्रेंड के लिए अक्सर जेल के अंदर फरमाइशी खाना आता था। जेलकर्मियों की मिलीभगत से लजीज खाना उसके वार्ड तक भिजवाया जाता था। अमन के कई गुर्गों को यह पसंद नहीं था। महिला मित्र से निकटता से भी अमन कइयों की आंखों में खटक रहा था। हत्या से पहले अमन का पैर दबाते नजर आया सुजीत जेल के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच में पता चला है कि मौत से पहले अमन सिंह का सुजीत नामक बंदी पैर दबा रहा था। सुजीत और सुंदर के बीच बातचीत होती दिख रही है। सीसीटीवी के आधार पर कई बंदियों पर पुलिस की जांच केंद्रित हो गई है।

जब्त मोबाइल फोन अदालत के समक्ष पेश
अमन सिंह हत्याकांड से संबंधित एक मुकदमे में धनबाद पुलिस ने धनबाद जेल से बरामद मोबाइल फोन को बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत से जब्त मोबाइल फोन सील बंद करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने पुलिस को मोबाइल सील करने की अनुमति दे दी। पुलिस ने उन मोबाइलों को साक्ष्य के तौर पर जब्त किया है।

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