DA Image
हिंदी न्यूज़ › झारखंड › धनबादः लोन का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले 13 साइबर अपराधी गिरफ्तार
झारखंड

धनबादः लोन का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले 13 साइबर अपराधी गिरफ्तार

धनबाद मुख्य संवाददाताPublished By: Yogesh Yadav
Mon, 20 Sep 2021 11:38 PM
धनबादः लोन का झांसा देकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले 13 साइबर अपराधी गिरफ्तार

बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। धनबाद पुलिस की टीम ने सोमवार की सुबह बेकारबांध की शंकर कॉलोनी स्थित ‘अपना बसेरा’ नामक अपार्टमेंट के एक फ्लैट से 13 युवकों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि सभी धनबाद में बैठ कर छह सितंबर से दक्षिण भारत के कई जिलों के लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप और करीब 15 मोबाइल के साथ पांच-छह कॉपियां जब्त की हैं। पकड़े गए सभी लड़के आंध्र प्रदेश और हैदराबाद के बताए जा रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि दक्षिण भारत के सरकारी और निजी बैंकों में जो लोग लोन के लिए आवेदन देते थे, उन लोगों का विवरण यह गैंग हासिल कर लेता था। आवेदकों को फोन कर कहा जाता था कि उनका लोन स्वीकृत हो गया है। पहली किस्त जमा कराने पर उनके लोन की राशि उनके खातों में पहुंच जाएगी। झांसे में आकर लोग इनके बताए खातों में लोन की पहली किश्त की रकम डाल देते थे। पकड़े गए आरोपियों और आरोप के संबंध में पुलिस फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं दे रही है। पुलिस सभी जब्त मोबाइल नंबरों और लैपटॉप की जांच में जुटी है। एक-दो दिनों में पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।

पुलिस पहुंची तो खिड़की से फेंकने लगे मोबाइल

अपना बसेरा के आसपास रहनेवाले लोगों ने वहां कुछ संदिग्ध लोगों के ठहरने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना पर धनबाद थाना की एक टीम ने रविवार की रात ही उस फ्लैट में दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचने की खबर मिलते ही कथित साइबर ठग खिड़की से अपना मोबाइल फेंकने लगे थे। रात में फ्लैट के बाहर से दरवाजा बंद कर पुलिस ने वहां निगरानी लगा दी थी। सुबह फिर से पुलिस टीम पहुंची और आरोपियों को पकड़ कर धनबाद थाने लायी। पास की झाड़ियों में फेंके गए मोबाइल को भी पुलिस ने जब्त किया।

गया के कुंदन और विक्रम हैं मास्टरमाइंड

पुलिस को सूचना मिली है कि गया का कुंदन, उसका साला अविनाश और विक्रम इस गैंग के मास्टरमाइंड हैं। कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने की बात कह कर सभी को बुलाया गया था। यहां उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा था। बैंक से लोन मांगने वालों का विवरण भी यही लोग जुटाते थे। मोबाइल और लैपटॉप भी इन्हीं लोगों ने दिए हैं। पांच जुलाई को बेकारबांध के गुप्तेश्वर अपार्टमेंट के एक फ्लैट से हैदराबाद की एक दंपति को पकड़ा गया था। उन्होंने बताया था कि बोधगया के किसी पवन ने उन्हें नौकरी के नाम पर यहां बुलाया था और उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा था।

कॉपियों में संकेतों में लिखा है ठगी का हिसाब

फ्लैट से जब्त पांच-छह कॉपियों में संकेतों में साइबर ठगी का हिसाब लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि ठगी होने के बाद उसका विवरण इसी कॉपी में दर्ज किया जाता था। पुलिस आरोपियों से कॉपी में लिखी बातों के संबंध में जानकारी ले रही है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सभी लड़कों को ठगी की 15 प्रतिशत रकम कमीशन के तौर पर दी जा रही थी। बताया जा रहा है कि अभी तक यह गैंग सैंकड़ों लोगों को लाखों रुपए का चूना लगा चुका है।

संबंधित खबरें