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हिंदी न्यूज़ झारखंडराहत: रांची में 22 जनवरी के बाद एक्टिव केस घटने के आसार, पर सावधानी जरूर बरतें

राहत: रांची में 22 जनवरी के बाद एक्टिव केस घटने के आसार, पर सावधानी जरूर बरतें

रांची में कोरोना के मरीज प्रतिदिन एक हजार से अधिक मिल रहे हैं, पर भर्ती मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन भी रिम्स में सौ से अधिक संक्रमित भर्ती नहीं...

राहत: रांची में 22 जनवरी के बाद एक्टिव केस घटने के आसार, पर सावधानी जरूर बरतें
Sudhir Kumarसंवाददाता,रांचीMon, 17 Jan 2022 07:44 AM

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रांची में कोरोना के मरीज प्रतिदिन एक हजार से अधिक मिल रहे हैं, पर भर्ती मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। कोरोना की तीसरी लहर में एक दिन भी रिम्स में सौ से अधिक संक्रमित भर्ती नहीं हुए हैं। सिर्फ रांची जिले में 12,473 एक्टिव मरीज हैं, जिसकी तुलना में सिर्फ दो फीसदी के करीब मरीज ही वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती हैं। यानी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर गौर किया जाए तो यह आसानी से कहा जा सकता है कि कोरोना पीड़ितों की स्थिति इतनी क्रिटिकल नहीं है कि उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया जाए।

विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ देवेश के अनुसार, ओमीक्रोन के जो ट्रेंड अब तक सामने आए हैं, उसके डेढ़ महीने के बाद मरीज मिलने का ग्राफ सीधा हो जाता है। पहले 20 दिन तक मरीज मिलने का ग्राफ तेजी से ऊपर जाता है, उसके बाद अगले 10 से 15 दिनों तक ग्राफ नीचे आता है। इस हिसाब से रांची में 22 जनवरी के बाद धीरे-धीरे एक्टिव मरीजों की संख्या कम होने की उम्मीद है। डॉ देवेश ने बताया कि कुछ दिन पहले तक रांची जिले में काफी तेजी से मरीज मिल रहे थे। रिम्स में भी अधिकतर मरीज संक्रमित मिलने लगे थे। अब रिम्स और रांची जिले की पॉजिटिविटी कम हो रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

पहले से मौजूद बीमारी के कारण हो रही मौत : डॉ भट्टाचार्या

रिम्स क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ पीके भट्टाचार्या ने बताया कि पहले से मौजूद बीमारी के कारण इस बार कोविड में लोगों की मौतें हुई हैं। एक भी ऐसे मामले देखने को नहीं मिले जिसमें सिर्फ संक्रमण के कारण मौत हुई हो। उन्होंने बताया कि अब तक अधिक मरीजों को भर्ती करने जैसा फेज नहीं आया। अधिकतर लोग तीन से पांच दिनों में ठीक हो गये। उन्होंने बताया कि अब वेरिएंट में फिर से म्यूटेशन हो गया तो अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ सकती है पर फिलहाल ऐसी कोई परेशानी नहीं है।

संक्रमण ठीक होने के पांच से सात दिनों तक रह सकती है खांसी :

डॉ देवेश ने बताया कि कई मामलों में देखा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद भी खांसी रह जा रही है। बुखार चला जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसे पोस्ट वायरल कफ कहते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बॉडी एडजस्ट करता है पांच से सात दिन लगते हैं और यह ठीक हो जाता है।

अगर पूरे रांची जिले की बात की जाए तो सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर तीन सौ से अधिक संक्रमित एक भी दिन अस्पताल में भर्ती नहीं रहे। सबसे अधिक 286 मरीज एक सप्ताह पहले भर्ती थे। रिम्स में अधिकतम 89 मरीज भर्ती थे, वहीं सदर अस्पताल में 23 भर्ती थे। रविवार को रिम्स में 71 और सदर में 11 मरीज ही भर्ती हैं। वहीं रविवार को पूरे जिले में भर्ती मरीजों की संख्या घटकर 224 रह गयी है।

इसमें सरकारी अस्पतालों में 83 और निजी अस्पतालों में 141 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इस संबंध में डॉक्टरों ने बताया कि जितने भी मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए सभी को किसी न किसी तरह की बीमारी थी, जिसके बाद वे संक्रमित हुए और अस्पतालों में भर्ती होना जरूरी हो गया।

 

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