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हाथियों की मौत ने  दी टेंशन, वन विभाग का मौतें रोकने को बना ह प्लान   ।

कोल्हान में हाथियों की मौत के बाद वन विभाग की नींद खुली है। अब विभाग नए सिरे से क्यूआरटी गठन की तैयारी कर रहा है। चाकुलिया में दो और मुसाबनी में पांच हाथियों की मौत के बाद क्यूआरटी टीम बनी है।

हाथियों की मौत ने  दी टेंशन, वन विभाग का मौतें रोकने को बना ह प्लान    ।
Himanshu Kumar Lallजमशेदपुर, हिन्दुस्तानSun, 03 Dec 2023 09:25 AM
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कोल्हान में हाथियों की मौत के बाद वन विभाग की नींद खुली है। अब विभाग नए सिरे से क्यूआरटी गठन की तैयारी कर रहा है। हाल के दिनों में चाकुलिया में दो और मुसाबनी में पांच हाथियों की मौत के बाद क्यूआरटी की समीक्षा शुरू की गई है।

हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग की ओर से क्यूआरटी का गठन किया गया था, लेकिन लंबे समय तक क्यूआरटी सदस्यों को पैसे नहीं मिलने पर सभी एक-एक कर काम छोड़ते चले गए। अब विभाग ने क्यूआरटी गठन की तैयारी फिर से शुरू कर दी है।

क्यूआरटी में सदस्यों की कमी के चलते हाथियों को कॉरिडोर की तरफ खदेड़ने में कामयाबी नहीं मिल पाती है। चाकुलिया, मुसाबनी सहित अन्य इलाकों में कुल 18 क्यूआरटी सक्रिय हैं, पर उनके सदस्य कम होने के चलते वे निष्क्रिय हो गए हैं। अब नये सिरे से गठन की कवायद शुरू की गई है।

क्यूआरटी सदस्यों का बनेगा व्हाट्सएप ग्रुप क्यूआरटी सदस्यों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनेगा, जिसमें डिवीजन स्तर के अधिकारी उसकी निगरानी करेंगे। सूचना मिलते ही क्यूआरटी के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सके।

50 से अधिक गांव के लोग गजराज से प्रभावित
हाथियों से चाकुलिया, मुसाबनी, बहरागोड़ा, गुड़ाबांदा, डुमरिया प्रखंड के 50 से अधिक गांव के लोग प्रभावित हैं। हाथी झुंड से बिछड़कर अलग-अलग गावों में विचरण कर रहे हैं। कई गांव में अकेले हाथी उत्पात मचा रहे हैं।

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