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1 जनवरी, 2021|8:12|IST

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झारखंड के साइबर ठग कई राज्य के लोगों को बना रहे शिकार, रांची में दर्ज हुए रिकॉर्ड केस

जामताड़ा के साइबर अपराधियों के कारण झारखंड को देशभर में फजीहत उठानी तो पड़ ही रही थी, अब देवघर जिला भी साइबर अपराध के नये गढ़ के रूप में सामने आया है। जामताड़ा से अधिक अब देवघर जिले से राज्य के बाहर के लोगों से साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। राज्य पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 28 दिसंबर 2020 तक अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने झारखंड से साइबर अपराध के 1242 मामलों की जांच में मदद मांगी। इनमें से झारखंड पुलिस ने 886 मामलों की जांच पूरी कर बाहरी राज्यों को पुलिस को भेज दी। वहीं 305 मामलों में जांच जारी है।

कहां से हुई सर्वाधिक ठगी
राज्य के देवघर जिले से सर्वाधिक ठगी के 333 मामले सामने आए हैं। वहीं जामताड़ा जिले से 218, गिरिडीह से 156, धनबाद से 121 मामले सामने आए। बाहरी राज्यों से एसपी साइबर क्राइम को 157, एसपी हजारीबाग को 16, एसएसपी रांची को 27, एसपी गढ़वा को दो, पलामू से तीन, लातेहार से चार, कोडरमा से तीन, रामगढ़ से आठ, बोकारो से 27, खूंटी व पश्चिमी सिंहभूम से 11-11, जमशेदपुर से 19 मामलों में बाहरी राज्यों की पुलिस ने मदद मांगी। राज्य पुलिस के आंकड़ों की माने तो साइबर अपराधियों की सक्रियता देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह व धनबाद जिले में सर्वाधिक रही।

रांची में दर्ज हुए साइबर अपराध के सर्वाधिक केस
राज्य में रांची जिले में साइबर अपराध के सर्वाधिक मामले दर्ज हुए। रांची में 290 केस जबकि राज्य में साइबर अपराध के कुल 1240 केस इस साल पुलिस ने दर्ज किए। वहीं बीते साल पुलिस ने साइबर अपराध के 1385 केस दर्ज किए थे। रांची के बाद देवघर में 98, हजारीबाग में 86 , देवघर में 56, रामगढ़ में 68, जमशेदपुर में 52, धनबाद में 70 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए। वहीं पुलिस ने 517 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से 41.59 लाख भी पुलिस ने बरामद किए। 

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  • Web Title:cyber thugs of jharkhand are hunting people of many states records case filed in ranchi