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तिहाड़ जेल में बंद साइबर ठग सीताराम के चेलों ने उड़ाए लाखों रूपये, ऐसे करते थे ठगी

साइबर अपराधियों ने धनबाद-बोकारो से 80 लाख रुपए खरीदारी कर ली। सभी खरीदारी बजाज फाइनेंस कंपनी के कार्ड से की गई। धनबाद पुलिस ने इस मामले में तेलीपाड़ा से गिरिडीह के ताराटांड थाना क्षेत्र के कोरबंधा गांव निवासी नंदलाल मंडल को गिरफ्तार किया है। मोबाइल के जरिए उसने धनबाद व बोकारो के लोगों को फोन कर फाइनेंस कंपनी के कार्ड नंबर लेकर 80 लाख रुपए की खरीदारी कर ली।

धनबाद थाना के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नंदलाल गिरोह का एक सदस्य है, जबकि गिरोह में कई और लोग भी हैं। इनका गुरु पूरे देश को साइबर क्राइम का पाठ पढ़ाने वाला सीताराम मंडल है। सीताराम मंडल जामताड़ा का है। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसकी जगह जामाताड़ा का अमित मंडल गिरोह की बागडोर संभाल रहा है।

कैसे करता था ठगी:
नंदलाल ने पूछताछ में बताया कि सबसे पहले फाइनेंस कंपनी के कार्डधारक को फोन कर उसे यह झांसा देता था कि वह कंपनी से बोल रहा है। आपका क्रेडिट स्कोर काफी अच्छा है, इसके लिए कंपनी आपको अलग से बोनस देगी। आपना कार्ड नंबर बताएं। कार्ड नंबर लेकर वह कंपनी के कॉल सेंटर में फोन कर खुद को कार्डधारक बता कर कंपनी को कार्ड का नंबर देकर यह कहता कि उसका मोबाइल गुम हो गया है, नया मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कर लें। इसके बाद वह अपना नंबर रजिस्टर्ड करवा लेता था। फिर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान या मॉल से कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर ओटीपी दिखा कर सामान की खरीदारी कर लेता था। कार्डधारक को इसका पता तब चलता था, जब दूसरे माह उसके अकाउंट से पैसे कट जाते थे।

चार माह में ठगी के लिए 1980 लोगों को किया कॉल: 
पुलिस ने जब अमित का कॉल डिटेल निकाला तो हैरत में पड़ गई। अमित ने 12 मार्च से 17 अप्रैल तक एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया, इससे उसने 1430 लोगों को कॉल किया। जबकि 17 अप्रैल से छह जुलाई तक 550 कॉल किए। सभी कॉल उसने सीरीज नंबरों में की है। पूछताछ में उसने बताया कि उसका काम लोगों को फोन करना और फाइनेंस कंपनी में कार्डधारक का नंबर बदलकर अपना नंबर डलवाना था। बाकी काम गिरोह के अन्य सदस्य करते हैं। गिरोह में एक लड़की अनिता कुमारी सहित अमित मंडल, मुकेश मंडल, लाला मंडल शामिल हैं। बताया कि अभी तक उसे एक लाख रुपए कमीशन मिला है।

एटीएम का पिन नंबर पूछकर भी करता था ठगी : 
इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि नंदलाल फाइनेंस कंपनी के कार्ड से ठगी गिरोह के लिए करता था, लेकिन उसका काम एटीएम का पिन नंबर पूछकर अकाउंट से पैसे उड़ाने का हैं। उसके पास से दो मोबाइल मिले हैं। एक साधारण और दूसरा स्मार्ट फोन।  साधारण मोबाइल से वह लोगों को झांसे में लेता है, जबकि इसी दौरान वह स्मार्ट फोन पर एप खोल कर पैसे उड़ा लेता है। फोन करने वाले का फोन कटने से पहले पैसे की निकासी हो जाती थी। उसके मोबाइल में एप मिले हैं। पुलिस ने मामले में बोकारो सेक्टर 12 के तौफीक अंसारी की शिकायत पर नंदलाल मंडल, उसका साथी करमाटांड निवासी मुकेश मंडल और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तौफीक से भी साइबर अपराधियों ने 29 हजार 625 रुपए की ठगी की है।

 फाइनेंस कंपनी के कर्मियों को किया गया थाना तलब : फाइनेंस कंपनी के कर्मियों को मामले में थाना तलब किया गया। बगैर वैरिफिकेशन रजिस्टर्ड नंबर बदलने का आरोप लगाया गया है। कंपनी की ओर से उसके लीगल एडवाइजर सह पूर्व डीएसपी शिवचंद्र चौधरी ने थाने में पक्ष रखा। धनबाद इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी इस बात के लिए राजी है कि अब भरपाई के लिए कार्डधारकों के अकाउंट से पैसे नहीं काटेगा।

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  • Web Title:cyber thieves from Tihar Jail