साइबर फ्रॉड का गढ़ बना झारखंड, 8 हजार बैंक खातों से हो रही ठगी; CID का ऐक्शन
सीआईडी क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने सबसे अधिक एसबीआई में खाते खोले हैं। इसके बाद इंडियन बैंक और फिर बैंक ऑफ इंडिया में खाते खोले गए हैं।

झारखंड में साइबर अपराधी साढ़े आठ हजार से ज्यादा बैंक खातों में ठगी की राशि ट्रांसफर कर रहे हैं। साइबर अपराधियों के मनी ट्रेल की जांच में यह खुलासा हुआ है।
यह जानकारी सामने आने के बाद अब सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच सभी 8674 खातों का डिटेल निकाल रही है। हालांकि इसमें से दो हजार बैंक खातों को क्राइम ब्रांच में फ्रिज कर दिया है।
सीआईडी क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने सबसे अधिक एसबीआई में खाते खोले हैं। इसके बाद इंडियन बैंक और फिर बैंक ऑफ इंडिया में खाते खोले गए हैं। सीआईडी क्राइम ब्रांच की ओर से सभी खातों की जांच की जा रही है। जांच के बाद उन सभी खाताधारकों पर कार्रवाई की जाएगी।
इनमें अधिकतर खाते किराए पर चल रहे
सीआईडी ने अपनी जांच में पाया है कि 8674 बैंक खातों में अधिकतर वैसे हैं जो किराए पर चल रहे हैं। मसलन साइबर अपराधी किसी व्यक्ति से आधार कार्ड और पहचान पत्र के साथ-साथ फर्जी फोन नंबर लेकर बैंक खाते खोल लेते हैं। बदले में उस व्यक्ति के लिए एक रकम तय करते हैं, जो खाताधारी को हर महीने प्राप्त होता है।
पैसे जमा-भेजने में इन्हीं खातों का इस्तेमाल
झारखंड में 8674 बैंक खातों के जरिए ही साइबर अपराधी हर रोज ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इन खातों में देशभर से ठगी के पैसे लगातार जमा हो रहे हैं और फिर उनका ट्रांजैक्शन दूसरे खातों में किया जा रहा है। सभी बैंक खाते साइबर क्राइम ब्रांच ने तलाश किए हैं। देवघर में सबसे ज्यादा 2500 बैंक खाते साइबर ठगी के लिए खोले गए हैं।
एड्रेस का सत्यापन कर होगी कारवाई
खातों का पता लगाने के बाद अब सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच की टीम खाता खोलने के लिए इस्तेमाल एड्रेस और पहचान पत्र के सत्यापन में जुट गई है। इस संबंध में सीआईडी डीजी अनुराग गुप्ता ने बताया कि सभी खाताधारियों की जांच के बाद उन पर एफआईआर की जाएगी। प्राथमिकी के आधार पर खाताधारकों पर कार्रवाई होगी। देवघर में सभी 2500 खातों की जांच शुरू कर दी गई है।
इन शहरों में सबसे अधिक खाते खुले
जिले खाते
देवघर 2500
धनबाद 1183
रांची 959
बोकारो 716
गिरिडीह 707
जमशेदपुर 584
हजारीबाग 526
दुमका 475
जामताड़ा 443
(सीआईडी साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार)


