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24 मई, 2020|2:58|IST

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संकट: ईद से पहले झारखंड के शिक्षकों को नहीं मिल सका वेतन 

राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ईद से पहले वेतन का भुगतान नहीं हो सका। राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को मई महीने का वेतन ईद से पहले देने की घोषणा की थी और इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया था। बावजूद शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं हो सका। इससे शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के इस कारगुजारी के कारण विशेषकर अल्पसंख्यक शिक्षकों की ईद बार फीकी रहेगी। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि सरकार शिक्षकों को पढ़ाने के साथ जो भी गैर शैक्षणिक कार्य देती है, शिक्षक उसे भी करते हैं। कोरोना संकट में भी शिक्षक अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। वादे के अनुसार ईद से पहले उन्हें वेतन और मानदेय मिलना चाहिए था। वहीं एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के कार्यकारी सदस्य संजय दुब ने कहा कि पारा शिक्षकों के अप्रैल का मानदेय भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है। स्कूल बंद रहने के बावजूद पारा शिक्षकों को सर्वे से लेकर राशन की दुकानों पर निगरानी के लिए खड़ा तो कर दिया गया, लेकिन समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।

 राज्य में  इक्का-दुक्का प्रखंडों में बिल पास कराने के बाद वेतन का भुगतान हुआ लेकिन  बाकी प्रखंडों में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ पारा शिक्षकों का भी यही हाल रहा। पारा शिक्षकों को तो अप्रैल महीने का भी मानदेय नहीं मिला है। जबकि कोरोना महामारी में सभी शिक्षक  कोरंटाइन सेंटर, राशन की दुकान पर निगरानी, सर्वे मजिस्ट्रेट की भूमिका  समेत अन्य काम कर रहे हैं।

सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन नहीं होने से एक साल से वेतन नहीं : राज्य के हाई स्कूलों और प्रारंभिक विद्यालयों में पिछले साल नियुक्त शिक्षकों के  वेतन भुगतान की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इनकी नियुक्ति के करीब साल भर हो चुके हैं लेकिन इनके सर्टिफिकेट की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
 नवनियुक्त शिक्षकों को सर्टिफिकेट की जांच पूरी होने और सही पाए जाने के बाद ही वेतन का भुगतान किया जाता है जिसमें नियुक्ति से अधिकतम दो से तीन महीने का समय लगना होता है। कुछ जिलों द्वारा  शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच कराई गई,  लेकिन अधिकांश जिलों में अभी भी यह लंबित है। शिक्षक लॉकडाउन की इस अवधि में सरकार को शपथ पत्र देकर एक महीने का ही वेतन देने की मांग कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार उनका घर चल सके। 

शिक्षकों की सहमति पर काटा जाएगा एक दिन का वेतन : कोरोना संकट में राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों समेत सरकार के अधिकारियों को एक दिन का वेतन देना है। यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की गई है। अपील में कहा गया है कि जो शिक्षक एक दिन का वेतन राहत कोष में नहीं देना चाहते हैं वे  संबंधित विभाग में अपने अधिकारियों को असहमति पत्र दे सकते हैं। इसके आधार पर उनका एक दिन का मूल वेतन के बराबर राशि की कटौती नहीं की जाएगी। अगर कोई सहयोग राशि की कटौती की असहमति पत्र नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित शिक्षक या अधिकारी एक दिन की वेतन कटौती के लिए सहमत हैं। उनके मूल वेतन के बराबर एक दिन राशि की कटौती की जाएगी। इसको लेकर उपायुक्तों ने वित्त विभाग के पत्र पर अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।

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  • Web Title:Crisis: Jharkhand teachers could not get salary before Eid