रांची में पानी संकट दूर करने के लिए हर प्रखंड में बनेगा कंट्रोल रूम
गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पेयजल विभाग को उपायुक्त ने संकट से निपटने के लिए अभी से इंतजाम शुरू करने के लिए कहा है। इसके तहत जिला मुख्यालय से लेकर...

गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पेयजल विभाग को उपायुक्त ने संकट से निपटने के लिए अभी से इंतजाम शुरू करने के लिए कहा है। इसके तहत जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम बनाने और इसकी निगरानी के लिए अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति किया जाएगा। कंट्रोल रूम सुबह आठ से रात आठ बजे तक काम करेगा। उपायुक्त ने कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता को दिया है।
सभी बीडीओ को चापाकलों की सूची तैयार करने और खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करवाने का निर्देश भी दिया गया है। चापाकलों और नलकूपों से संबंधित शिकायत की समीक्षा अधीक्षण अभियंता करेंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को कार्य के प्रगति की जानकारी भी दी जाएगी। जल संकट होने पर नगर निगम, पेयजल विभाग, जिला प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों की समन्वय समिति भी बनेगी। यह समिति बैठक कर पेयजल की समीक्षा करेगी। गर्मी के दौरान पाइप के क्षतिग्रस्त होने और दूसरी तकनीकी समस्या को ठीक करने के लिए एक आपात टीम भी होगी। जो शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। टीम 24 घंटे काम करेगी।
रांची नगर निगम और ग्रामीण इलाकों में अभी से पेयजल संकट होने लगा है। शहर के अधिकांश चापाकल खराब हैं। जो ठीक हैं, उनमें पीने लायक पानी नहीं मिलता है। शहर के बड़े इलाके में पाइप भी नहीं है। इस कारण यहां सालों भर टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। गर्मी में टैंकरों की मांग बढ़ने के कारण पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अभी से ही सभी विभागों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया है।
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Abhishek Tiwariअभिषेक तिवारी
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