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लगातार बारिश से कोयला उत्पादन प्रभावित, बिजली संकट गहराने की आशंका

रांची धनबाद हिटीYogesh Yadav
Mon, 18 Oct 2021 11:46 PM
लगातार बारिश से कोयला उत्पादन प्रभावित, बिजली संकट गहराने की आशंका

झारखंड और बंगाल के कई हिस्सों में बीते दो दिन से हो रही बारिश के कारण राज्य में कोयले और बिजली का उत्पादन एक बार फिर प्रभावित हुआ है। इसके कारण एक बार फिर बिजली संकट गहराने के आसार बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा असर कोयला उत्पादन पर पड़ा है। कोयला कंपनियों की ओर से आधिकारिक बयान के अनुसार झारखंड और बंगाल में स्थित कोयला खदानों पर बारिश का व्यापक असर पड़ा है। कोयला उत्पादन में 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। डिस्पैच भी 30 से 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है। बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल के उत्पादन व डिस्पैच पर असर पड़ा है। ईसीएल की झारखंड व बंगाल स्थित कोयला खदानें प्रभावित हुई हैं। बीसीसीएल व सीसीएल के कुछ एरिया में बारिश से बुरा हाल है। 

आधिकारिक बयान के अनुसार कोयला उत्पादन नहीं के बराबर हुआ। कुछ डिपार्टमेंटल उत्पादन ही हुआ। आऊटसोर्सिंग परियोजनाएं बंद रही। मालूम हो कि झारखंड से देश के तकरीबन 11 राज्यों को कोयला आपूर्ति की जाती है। इनमें राजधानी दिल्ली के पावर प्लांटों सहित पंजाब, हरियाणा, बंगाल,यूपी, बिहार जैसे प्रमुख राज्य हैं।  बारिश के पहले दुर्गा पूजा के दौरान भी कोयला उत्पादन एवं डिस्पैच प्रभावित हुई है।

नवमी एवं दसवीं के दिन कई क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट बंद रहने से कोयला डिस्पैच पर खासा असर पड़ा है। ईसीएल में नवमी एवं दसवीं को एक लाख टन की जगह 44 एवं 46 हजार टन ही कोयला डिस्पैच हुआ। बीसीसीएल में नवमी को 39.8 एवं दसवीं को 25.2 हजार टन कोयला डिस्पैच किया जा सका। सीसीएल में भी डिस्पैच में कमी आई है।
बीसीसीएल में उत्पादन व डिस्पैच के आंकड़े

अक्टूबर में, आंकड़ा हजार टन में

तिथि       उत्पादन          डिस्पैच
12                  80.1                          97.8
13                  76                             69.5
14                  38.6                          39.8
15                  32.8                          25.2
17                  75.4                           84.4

शार्टेज है लेकिन क्राइसिस की स्थिति नहीं : दत्ता

कोल इंडिया सह बीसीसीएल के निदेशक वित्त समीरन दत्ता ने कहा कि बारिश से कुछ कोयला कंपनियों में असर पड़ा है। खासकर झारखंड व बंगाल में। वैसे घबराने की जरूरत नहीं है। कोयला शार्टेज है लेकिन क्राइसिस की स्थिति नहीं है। बारिश थमने पर एक सप्ताह के अंदर पावर प्लांटों के कोयला स्टॉक में सुधार हो जाएगा। कोल इंडिया के पास 40 मिलियन टन का अभी भी कोयला स्टॉक है। लगातार स्थिति बेहतर करने की कोशिश हो रही है।

बारिश से ईसीएल के उत्पादन में 50%कमी : रेड्डी

ईसीएल के निदेशक तकनीक बी बीरा रेड्डी ने कहा कि सोमवार की बारिश का ईसीएल के कोयला उत्पादन व डिस्पैच पर खासा असर पड़ा है। ईसीएल की झारखंड एवं बंगाल स्थिति सभी खदानें प्रभावित हुई हैं। अनुमान के अनुसार 50 प्रतिशत तक उत्पादन पर असर पड़ा है। औसतन एक लाख टन कोयला उत्पादन प्रतिदिन होता है। सोमवार को ईसीएल में 50 हजार टन ही उत्पादन होने की स्थिति है।
 

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