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CM चंपाई का गढ़ 'कोल्हान' बना राजनीति का केंद्र बिंदु, दो सीटों पर झामुमो-भाजपा की नजर

ऐसे में कोल्हान क्षेत्र से आने वाले चंपाई सोरेन के सामने 2019 के विधानसभा चुनाव की स्थिति को बरकरार रखने के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा को पीछे धकेलने की चुनौती होगी। 

CM चंपाई का गढ़ 'कोल्हान' बना राजनीति का केंद्र बिंदु, दो सीटों पर झामुमो-भाजपा की नजर
Swati Kumariहिन्दुस्तान,रांचीFri, 16 Feb 2024 11:06 PM
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हेमंत सोरेन के जेल जाने और चंपाई सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से झारखंड की सत्ता का केंद्र बिंदु बदल गया है। भले ही सत्ता अब भी संताली आदिवासी के हाथों में हैं, लेकिन इसका केंद्र बिंदु कोल्हान शिफ्ट हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगर लोकसभा या विधानसभा चुनाव तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं तो यह तय माना जा रहा है कि सीएम चंपाई सोरेन के नेतृत्व में ही झामुमो, कांग्रेस और राजद का महागठबंधन चुनाव लड़ेगा।

ऐसे में कोल्हान क्षेत्र से आने वाले चंपाई सोरेन के सामने 2019 के विधानसभा चुनाव की स्थिति को बरकरार रखने के साथ लोकसभा चुनाव में भाजपा को पीछे धकेलने की चुनौती होगी। 

बता दें कि विधानसभा चुनाव में कोल्हान क्षेत्र में भाजपा को बड़ा चुनावी झटका लगा था। इस क्षेत्र में 14 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें से 13 सीटों पर झामुमो-कांग्रेस ने कब्जा जमाया, जबकि एक सीट पर निर्दलीय सरयू राय जीते थे। वहीं, संसदीय सीट जमशेदपुर और चाईबासा में से खुद जमशेदपुर संसदीय सीट पर चंपाई सोरेन 2019 में चुनाव लड़े थे। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 

कोल्हान के कई दिग्गज महागठबंधन के नेता
कोल्हान का केंद्र बिंदु बनने का कारण यह भी है कि चंपाई सरकार के कई दिग्गज नेता इसी प्रमंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चंपाई सरकार के नए मंत्रिमंडल में तीन विधायक शामिल हुए हैं। सीएम चंपाई सोरेन सरायकेला विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। चाईबासा से झामुमो विधायक दीपक बिरुआ और पश्चिम सिंहभूम से कांग्रेस कोटे के बन्ना गुप्ता मंत्री बने हैं।

वहीं, 'हो' जनजाति बहुल कोल्हान क्षेत्र से पूर्व सीएम मधु कोड़ा और सांसद गीता कोड़ा भी महागठबंधन में ही हैं। यानी इन दिग्गज नेताओं के लिए भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की स्थिति को बरकरार रखना चुनौती से कम नहीं होगा। 

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