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अनुशासन नहीं किसी और वजह से खामोश रहते हैं रामगढ़ के इस स्कूल के बच्चे 

गोला थाना क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरियातु में शोर मचाना मना है। स्कूलों में शोर मचाने की मनाही आम बात है लेकिन इस स्कूल की खासियत है कि यहां बच्चे हो शिक्षक कोई भूलकर भी शोर नहीं मचाता। चाहे स्कूल का समय हो या फिर छुट्टी का सन्नाटे में यहां बच्चे आते हैं और सन्नाटे में ही यहां से निकल जाते हैं। यह सब किसी अनुशासन का हिस्सा नहीं है बल्कि मधुमक्खियों का खौफ उन्हें ऐसा करने से रोकता है। दरअसल शोर मचाने पर मधुमक्खियां भड़क सकती हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है।

स्कूल परिसर के सेमल के पेड़ में दर्जन भर मुधमक्खियों का छत्ता 
दरअसल विद्यालय कैंपस के एक विशाल सेमल के पेड़ में दर्जन भर मधुमक्खियों के छत्ते हैं। जो बच्चों और शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। मधुमक्खियों के छत्ते का आकार भी काफी बड़ा है। इसे देखकर स्टूडेंट्स और शिक्षकों की रूह कांप जाती है। मधुमक्खियों के खौफ से पूरा स्कूल परिसर साइलेंस जोन बना रहता है। खाली पीरियड में हमेशा मौज मस्ती व शोर न मचाने वाले बच्चे हमेशा साइलेंट मॉड में रहते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों को औपचारिक रुप से अधिक शोर नहीं मचाने का आदेश दिया है। स्कूल प्रबंधन ने वन विभाग को मधुमक्खियों को भगाने का आग्रह किया है। लेकिन विभागीय अधिकारी कोई पहल करते नहीं दिख रहे हैं। इस कारण हर दिन छात्र और शिक्षक किसी अप्रिय घटना की आशंका से सहमे रहते हैं।

  

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  • Web Title:Children of this school in Ramgarh remain silent for no other reason