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मुख्य सचिव का विभागों को निर्देश, बोले- बजट का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा करें खर्च

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर विभाग बजट का 90 फीसदी से ज्यादा खर्च करे। योजना बजट की राशि खर्च करने में कोताही न करें। उन्होंने विभागों को कई और निर्देश भी दिए।

 मुख्य सचिव का विभागों को निर्देश, बोले- बजट का 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सा करें खर्च
sukhdeo singh
Suraj Thakurलाइव हिन्दुस्तान,रांचीThu, 01 Dec 2022 06:04 AM

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मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर विभाग बजट का 90 फीसदी से ज्यादा खर्च करे। योजना बजट की राशि खर्च करने में कोताही न करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य में केंद्रीय सहयोग से चल रही योजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता की राशि अधिक से अधिक लाने की कोशिश करें। इसके लिए केंद्र को भेजे गये प्रस्ताव में त्रुटियां रह गई हों तो उसे दुरुस्त कर लें और इस काम को पूरी तत्परता से करें। मुख्य सचिव बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में योजना बजट राशि के खर्चों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने विभागों को दिए कई निर्देश
मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों और प्रधान सचिवों से कहा है कि जिस विभाग को ऐसा लग रहा है कि उनके विभाग की योजना राशि शत-प्रतिशत खर्च नहीं हो पायेगी तो वे उसकी समीक्षा करें। न खर्च होनेवाली राशि समय से पहले सरेंडर कर दें ताकि उस राशि को वैसे विभागों को स्थानांतरित की जा सके जिस विभाग में योजना मद में ज्यादा राशि खर्च हो रही है। भविष्य में भी ज्यादा राशि खर्च होने की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने कई विभागों के एक से अधिक अनावश्यक बैंक अकाउंट को बंद करने का निर्देश दिया है। विभिन्न विभागों की समीक्षा के बाद उन्होंने कहा कि कई विभागों में एक से ज्यादा बैंक खातों को बंद कर उसकी राशि ट्रेजरी में जमा करवा दें। बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह सहित सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में केवल 37 फीसदी ही खर्च
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 30 नवंबर तक 37 फीसदी योजना बजट की राशि खर्च हुई है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए 101101 करोड़ रुपए का बजट विधानसभा से पारित हुआ था। पुनरीक्षित बजट 103845 करोड़ रुपए का हुआ है। इसमें कुल खर्च 43 फीसदी (योजना और स्थापना बजट मिलाक) खर्च हुआ है। लेकिन सिर्फ योजना मद में 30 नवंबर तक मात्र 37 फीसदी खर्च हुई है। योजना बजट की राशि 59464 करोड़ रुपए के विरूद्ध 22158 करोड़ रुपए हुए हैं। वहीं स्थापना मद में 44381 करोड़ रुपए के विरूद्ध 23664 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

पिछले तीन साल में खर्च की की गई तुलना
योजना बजट की राशि के खर्च के मामले में पिछले तीन सालों की तुलना की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में नवंबर तक हुए योजना बजट की राशि की तुलना की गई है। इसमें चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में सबसे अधिक 37 फीसदी खर्च हुई है। जबकि 2021-22 में 32 फीसदी तथा 2020-21 में 30 फीसदी राशि खर्च हुई थी।