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मुख्यमंत्री रोजगार सृजन; मात्र 383 का आया आवेदन, जानें कौन उठा सकता है लाभ

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के प्रति लाभुकों की रुचि काफी कम दिख रही है। सत्र 2023-24 के लिए अभी तक राज्यभर से एससी समुदाय की ओर से ऑनलाइन मात्र 383 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन; मात्र 383 का आया आवेदन, जानें कौन उठा सकता है लाभ
Mohammad Azamलाइव हिंदुस्तान,रांचीMon, 28 Aug 2023 09:30 PM
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मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के प्रति लाभुकों की रुचि काफी कम दिख रही है। सत्र 2023-24 के लिए अभी तक राज्यभर से एससी समुदाय की ओर से ऑनलाइन मात्र 383 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। लाभुकों की इस उदासीनता से योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग झारखंड सरकार द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य झारखंड के नागरिकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसके माध्यम से लाभार्थियों को ऋण प्रदान किया जाएगा। इससे झारखंड में बेरोजगारी दर में गिरावट आएगी तथा लोग आत्मनिर्भर बनेंगे। इस योजना के अंतर्गत 40% का अनुदान भी उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। 

योग्य अभ्यर्थियों का चयन उपायुक्त स्तर से किया जाता है
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रतिवर्ष राज्य सरकार की तरफ से 25 करोड़ रुपये दिया जाता हैं। इसके लिए आवेदकों को प्रखंड में आवेदन करना होता है। इसके बाद यह आवेदन जिला कल्याण विभाग के पास जाता है। योग्य अभ्यर्थियों का चयन उपायुक्त स्तर से किया जाता है। इस योजना के लिए सरकार की ओर से व्यक्तिगत आवेदन ही स्वीकार किए जाते हैं।

वाहन व्यवसाय के लिए गारंटर की जरूरत नहीं
इस योजना के अंतर्गत जो लाभुक वाहन खरीदकर व्यावसायिक इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें गारंटर देने की जरूरत नहीं होती हैं। हालांकि रोजगार के लिए मिली राशि में सब्सिडी के बाद लाभुक ऋण की राशि नहीं चुकाते हैं तो वाहन को जब्त कर लिया जाता है। जबकि अन्य व्यवसाय के लिए एक गारंटर की आवश्यकता होती है। इसमें लाभुक को खुद व्यवसाय की कार्य योजना देनी पड़ती है। 

50 हजार रुपये तक ऋण के लिए गारंटर की जरूरत नहीं
कल्याण विभाग अंतर्गत कार्यरत झारखंड राज्य आदिवासी सहकारी विकास निगम, झारखंड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त व विकास निगम, झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त व विकास निगम की ओर से 50 वर्ष तक की आयु के एसटी, एससी, अल्पसंख्यक व पिछड़ा व दिव्यांग को व्यवसाय शुरू करने के लिए छह फीसदी ब्याज पर ऋण सह अनुदान दिया जाता हैं। इसमें 50 हजार रुपये तक ऋण के लिए कोई गारंटर की आवश्यकता नहीं होती है। जबकि इससे ज्यादा की राशि के लिए एक गारंटर का प्रावधान है। 

ये उठा सकते हैं योजना का लाभ

- अनुसूचित जनजाति 

- अनुसूचित जाति 

- अल्पसंख्यक वर्ग 

- पिछड़ा वर्ग 

- दिव्यांगजन 

- सखी मंडल की दीदियां 

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