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छत्तीसगढ़ में जीत के हीरो बने झारखंड के BJP नेता, इनकी मेहनत से खिला कमल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने संकल्प यात्रा से ब्रेक लेकर और बाद में भी लगातार छत्तीसगढ़ में परिवर्तन संकल्प रैली के जरिए चुनावी सभाएं की थीं। कई नेता छत्तीसगढ़ दौरे पर थे।

छत्तीसगढ़ में जीत के हीरो बने झारखंड के BJP नेता, इनकी मेहनत से खिला कमल
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीMon, 04 Dec 2023 07:41 AM
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छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत में झारखंड भाजपा के नेताओं का भी बड़ा योगदान रहा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने संकल्प यात्रा से ब्रेक लेकर और बाद में भी लगातार छत्तीसगढ़ में परिवर्तन संकल्प रैली के जरिए चुनावी सभाएं की। भाजपा अध्यक्ष ने जिन 11 सीटों पर चुनाव प्रचार किया, उनमें से आठ सीटें भाजपा के खाते में आयीं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीतापुर में पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो, लुंडरा में प्रबोध मिंज, अंबिकापुर में राजेश अग्रवाल, बसना में संपत अग्रवाल, केशकाल में नीलकंठ नेताम, कांडागांव में लता उमंडी, नारायणपुर में केदार कश्यप और दंतेवाड़ा में चेतराम उसामी के समर्थन में सभाएं की थीं, ये सीटें भाजपा ने जीतीं। वहीं तीन सीट बस्तर, सिहुआ व डोंडी लोहरा में भाजपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। आदिवासी वोटरों को लुभाने के उद्देश्य से भाजपा ने उन्हें छत्तीसगढ़ में बड़ी जिम्मेदारी दी थी।

राज्यपाल बनने से पहले रघुवर ने किया था जिन सीटों पर प्रचार

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी छत्तीसगढ़ के पाटन, बेमेतरा, वैशाली नगर, साजा, अहिवारा, मनेंद्रगढ़ के अलावा दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर की विभिन्न विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन सीट छोड़ सभी सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। ओडिशा के राज्यपाल बनाए जाने के बाद भी रघुवर दास ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया था, जिसे लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जतायी थी।

अर्जुन मुंडा थे स्टार प्रचारक

मध्यप्रदेश, राजस्थान व छतीसगढ़ में चुनाव प्रचारकों की सूची में जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का भी नाम शामिल था। उन्होंने भी आदिवासी बहुल सीटों पर पार्टी का प्रचार जोरदार तरीके से किया था।

अनंत ओझा के प्रभार वाली 14 सीटें भाजपा जीती

भाजपा के राजमहल विधायक व सचेतक अनंत ओझा को सरगुजा संभाग की जिम्मेदारी मिली थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में सरगुजा संभाग की सारी 14 सीटें कांग्रेस के खाते में थीं, लेकिन इस बार ये सारी 14 सीटें भाजपा ने जीती है। अनंत ओझा ने सरगुजा प्रभार के दौरान तीन माह से अधिक अवधि तक वहां कैंप किया। दीपावली के दिन तक राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष के साथ वह सरगुजा संभाग में ही डटे थे। इसी तरह बस्तर संभाग का प्रभार झारखंड के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह के जिम्मे था। बस्तर संभाग के नौ सीटें अंतागढ़, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, जगदलपुर, चित्रकोट, दंडेवाडा, कोंटा में भाजपा ने जीत दर्ज की है। बस्तर प्रभाग की 12 सीटों में 9 पर भाजपा, दो पर कांग्रेस व एक पर बसपा जीती है।

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