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हिंदी न्यूज़ झारखंडनौकरी ढूंढने दिल्‍ली गए बुजुर्ग के साथ धोखा, पटरी पर पैदल चलकर लौटना पड़ा धनबाद

नौकरी ढूंढने दिल्‍ली गए बुजुर्ग के साथ धोखा, पटरी पर पैदल चलकर लौटना पड़ा धनबाद

नौकरी की उम्‍मीद में दिल्‍ली गए एक बुजुर्ग के साथ ऐसा धोखा हुआ कि अब वे सपने में भी इस वाकये की याद न आने की दुआ मांग रहे हैं।  नौकरी की आस लिए साहिबगंज की पहाड़िया जनजाति के बर्जोम...

नौकरी ढूंढने दिल्‍ली गए बुजुर्ग के साथ धोखा, पटरी पर पैदल चलकर लौटना पड़ा धनबाद
Ajay Singhमुख्‍य संवाददाता ,धनबाद Mon, 15 Mar 2021 10:43 AM
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नौकरी की उम्‍मीद में दिल्‍ली गए एक बुजुर्ग के साथ ऐसा धोखा हुआ कि अब वे सपने में भी इस वाकये की याद न आने की दुआ मांग रहे हैं।  नौकरी की आस लिए साहिबगंज की पहाड़िया जनजाति के बर्जोम बामडा पहाड़िया कुछ माह पूर्व दिल्ली गए थे। बिचौलिए ने नौकरी का झांसा देकर बर्जोम की पाई-पाई छीन ली और उसे सड़क पर छोड़ दिया। बुजुर्म बर्जोम दिल्ली से रेलवे ट्रैक पर पैदल 1182 किलोमीटर का सफर तय करके धनबाद पहुंचे।

महुदा में रोटी बैंक के सदस्यों ने जब उनकी दास्तान सुनी तो उन्हें बस पर बैठा कर ससम्मान उनके घर साहिबगंज भेजा। बर्जोम बामडा साहिबगंज के पतना प्रखंड में तालझरी, आमड़भिठा के रहनेवाले हैं। घर पर उनके साथ उनकी पत्नी रहती हैं। अच्छे जीवनसाथी होने का फर्ज निभाते हुए वे दिल्ली में कामकाज की तलाश में पहुंचे थे। कुछ माह पूर्व घर से दिल्ली जाने के दौरान बर्जोम ने अपनी सारी जमा पूंजी साथ रख ली थी। जो बिचौलिया उन्हें लेकर दिल्ली गया था, पहले तो उसने सब्जबाग दिखा कर उनका सारा पैसा ऐंठ लिया। बाद में वह रफूचक्कर हो गया। दिल्ली में कई दिनों तक वे सड़कों पर भूखे बिलखते रहे।

इधर-उधर से मांग कर कभी पेट भरा तो कभी भूखे पेट ही सोना पड़ा। जब बिचौलिये से उनका विश्वास टूटा तो उन्होंने अपने घर पतना लौटने की ठानी। जेब में पैसे नहीं थे सो उन्होंने घर आने के लिए उन्होंने रेल पटरी पकड़ ली। उन्होंने बताया कि एक माह से अधिक समय तक वे रेलवे ट्रैक पर पैदल चले। रास्ते में लोगों से मांग कर वे अपना पेट भरते थे। महुदा में जब रोटी बैंक के सदस्यों को पता चला कि वे कई दिनों से भूखे हैं तो उन्हें सदस्यों ने पहले भरपेट खाना खिलाया। उनके घर भेजने का इंतजाम कराया।

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