charges fixed on Judge Mushtaq Raqibul and his mother for Tara Shahdeo torture case - तारा शाहदेव प्रताड़ना मामला: जज मुश्ताक, रकीबुल और उसकी मां पर आरोप तय DA Image

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तारा शाहदेव प्रताड़ना मामला: जज मुश्ताक, रकीबुल और उसकी मां पर आरोप तय

रकीबुल उर्फ रंजीत सिंह कोहली

तारा शाहदेव के धर्म परिवर्तन कराने और प्रताड़ित करने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को निलंबित न्यायिक अधिकारी मुश्ताक अहमद, रकीबुल उर्फ रंजीत सिंह कोहली और कौशल रानी के खिलाफ आरोप गठन कर दिया गया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके पांडेय की अदालत ने सभी के खिलाफ आरोप गठन किया। तारा शाहदेव के साथ बलात्कार करने के साथ भादवि की अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किया गया। आरोप गठन के समय रकीबुल उसकी मां कौशल और न्यायिक अधिकारी मुश्ताक अहमद को कोर्ट में मौजूद थे।

सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों के समक्ष तय किए गए आरोप पढ़कर सुनाया, कहा कि- आपके ऊपर बलात्कार, आपराधिक षडयंत्र रचने, दूसरे महिला के साथ संबंध बनाने, छेड़छाड़ करने, गाली-गलौज करने, मारपीट करने, धार्मिक भावना पर चोट पहुंचाने का आरोप तय किया जाता है। इस पर आरोपियों ने इसे गलत बताया और कहा कि वह सभी निर्दोष हैं। इसके बाद अदालत ने आरोप गठन की कार्रवाई पूरी करते हुए सीबीआई को 16 जुलाई से गवाही दर्ज कराने की तारीख निर्धारित की। जानकारी हो कि मुश्ताक अहमद आठ नवंबर 2017 से जेल में हैं। जबकि कोहली 27 अगस्त 2014 से ही जेल में है। पीड़िता तारा शाहदेव ने हिंदपीढ़ी थाना में 19 अगस्त 2014 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

आरोपियों पर ये हैं आरोप
इस मामले में सीबीआई की दिल्ली शाखा ने जांच पूरी करते हुए 12 मई 2017 को तारा के तथाकथित पति रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, सास कौशल रानी एवं मुश्ताक अहमद के खिलाफ भादिव की सुसंगत धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की जांच सीबीआई दिल्ली शाखा की डीएसपी सीमा पहुंजा ने की थी। सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि कोहली, कौशल और अहमद ने शादी के तुरंत बाद तारा को धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य किया। दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया। तारा कोहली की शादी 7 जुलाई 2014 को हुई थी। तारा का आरोप था कि रंजीत ने शादी से पहले अपना धर्म छिपाया था। बाद में उत्पीड़न कर उसका धर्म बदलवाया। मुश्ताक अहमद पर तारा के परिवार पर कोहली से शादी का दबाव बनाने का आरोप है। शादी के बाद अहमद ने इस्लामिक पुस्तक लाकर दी। उन पर  प्रतिबंधित मांस खिलाने का आरोप है।

फैक्ट फाइल

  • तारा शाहदेव ने 19 अगस्त 2014 को हिंदपीढ़ी थाने में रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल हसन, उसकी मां कौशल रानी, हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार मुश्ताक अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी।
  • अगले दिन सीआरपीसी की धारा 164 के तहत तारा का बयान दर्ज किया गया, जिसमें मुश्ताक का नाम आया था।
  • शादी के बाद सास और पति रकीबुल ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आवेदन में तारा शाहदेव ने हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्टार मुश्ताक अहमद का भी जिक्र किया था।
  • मुश्ताक ने ही तारा से रकीबुल की जान पहचान करायी थी। उनके कहने पर रकीबुल ने जबरन धर्म परिवर्तन कराया। मुश्ताक बराबर धमकी देते थे कि रंजीत के साथ शारीरिक संबंध बनाओ।
  • बाद में तारा ने जबरन धर्म परिवर्तन कराने एवं शारीरिक संबंध बनाने का मामला दर्ज कराया था।
  • साल 2015 में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच शुरू हुई।
  • मई 2017 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुश्ताक की अदालती दौड़ शुरू हुई।
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  • Web Title:charges fixed on Judge Mushtaq Raqibul and his mother for Tara Shahdeo torture case