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धनबाद के जज उत्तर आनंद की मौत का केस सीबीआई ने किया टेकओवर, नए सिरे से होगी जांच

धनबाद लाइव हिन्दुस्तानPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 04 Aug 2021 11:05 PM
धनबाद के जज उत्तर आनंद की मौत का केस सीबीआई ने किया टेकओवर, नए सिरे से होगी जांच

धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की हत्या के मामले में धनबाद के सदर थाने में दर्ज केस को सीबीआई ने टेकओवर कर लिया है। सीबीआई के स्पेशल क्राइम सेल के द्वारा केस की जांच नए सिरे से की जाएगी। एएसपी रैंक के अधिकारी विजय कुमार शुक्ला केस का अनुसंधान करेंगे। सीबीआई एसपी जगरूप एस गुसिन्हा के आदेश पर केस में जांच के लिए 20 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी में अलग से फोरेंसिक की टीम को भी शामिल किया गया है।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, 30 जुलाई को झारखंड सरकार के गृह विभाग ने केस टेकओवर करने की अनुशंसा भेजी थी। इसके बाद भारत सरकार के डीओपीटी के द्वारा केस के अनुसंधान का आदेश जारी हुआ था, जिसके बाद सीबीआई के स्पेशल क्राइम सेल ने मामले में 4 अगस्त को धनबाद के सदर थाने में दर्ज केस को टेकओवर किया। सीबीआई को अनुसंधान में झारखंड पुलिस भी मदद करेगी। 

धनबाद पहुंच चुकी है फोरेंसिक टीम

अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई की फोरेंसिक टीम धनबाद पहुंच चुकी है। वहीं गुरुवार को सीबीआई की टीम केस में अनुसंधान शुरू कर देगी। झारखंड हाईकोर्ट ने भी मंगलवार को सुनवाई के दौरान जल्द से जल्द केस की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। तब केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने जानकारी दी थी कि केस की सीबीआई जांच को लेकर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

कब कब क्या हुआ 

28 जुलाई की सुबह जज उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वॉक के दौरान अज्ञात वाहन के चपेट में आने से उनकी मौत की बात सामने आयी थी। लेकिन उसी दिन सीसीटीवी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्पष्ट दिखा था कि एक ऑटो में बैठे लोग किनारे की तरफ ऑटो ले जाकर उत्तम आनंद को चपेट में लेते थे। घटना के बाद जज उत्तम आनंद की पत्नी के बयान पर धनबाद के सदर थाने में अज्ञात ऑटो चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एडीजी अभियान संजय आनंद लाठकर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने अबतक की जांच में सुनियोजित हत्या से जुड़ा कोई साक्ष्य  नहीं पाया था। वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया था। मामले में झारखंड हाईकोर्ट के द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है। 30 जुलाई को झारखंड सरकार ने सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा की थी। 

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