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सांसद गीता कोड़ा के समर्थकों पर ST-SC एक्ट में केस दर्ज, महिलाओं से दुर्व्यवहार का भी आरोप

गीता कोड़ा ने मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजे पत्र में लिखा है कि 14 अप्रैल को जब सालमपत्थर गांव जा रही थीं, तो रास्ते में श्रीधरपुर के पास रास्ता रोका गया। रास्ता बदल मोहनपुर पहुंचीं।

सांसद गीता कोड़ा के समर्थकों पर ST-SC एक्ट में केस दर्ज, महिलाओं से दुर्व्यवहार का भी आरोप
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,गम्हरिया(सरायकेला)Tue, 16 Apr 2024 07:15 AM
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गम्हरिया प्रखंड के मोहनपुर में चुनाव प्रचार के दौरान हुई घटना तूल पकड़ती जा रही है। मुर्गाघुटू के ग्रामीण होपना बेसरा ने सिंहभूम की सांसद व भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा के समर्थकों पर एसटी-एससी ऐक्ट के तहत केस दर्ज कराया है। इसमें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, गाली-गलौज, ग्रामीणों से मारपीट, महिलाओं से दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकी का आरोप है।

गीता कोड़ा के जिन समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, उनमें अमित सिंहदेव, पौष्टि गोप, चिन्मय महतो, सुनीता मिश्रा, गणेश माहली, रमेश हांसदा, रश्मि साहू, गौरी शंकर टुडू, बाबूराम मार्डी एवं बुरुडीह पंचायत की मुखिया संगीता टुडू एवं अन्य शामिल हैं। बता दें कि मोहनपुर गांव में रविवार को गीता कोड़ा समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में गयी थीं। इसी दौरान हथियारों से लैस ग्रामीणों ने उन्हें ढाई घंटे तक वहीं रोके रखा। देर शाम भाजपा नेत्री ने केस दर्ज कराया था।

गीता कोड़ा के साथ चुनाव प्रचार के दौरान हुए विवाद को लेकर भाजपा रांची से लेकर दिल्ली तक रेस है। भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधमंडल ने जहां रांची में एडीजी मुख्यालय आरके मल्लिक से मुलाकात कर सरायकेला एसपी व गम्हरिया थानेदार को हटाने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, वहीं खुद गीता कोड़ा ने इस मामले में घटना की तस्वीरों के साथ नौ पन्नों का शिकायती पत्र मुख्य निर्वाचन आयोग दिल्ली को लिखा है।

गीता कोड़ा ने पत्र में क्या लिखा
गीता कोड़ा ने मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजे पत्र में लिखा है कि 14 अप्रैल को जब सालमपत्थर गांव जा रही थीं, तो रास्ते में श्रीधरपुर के पास रास्ता रोका गया। रास्ता बदल मोहनपुर पहुंचीं। वहां झामुमो कार्यकर्ता व समर्थक लाठी-डंडा, हरवे- हथियार से लैस थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को घेर लिया व हमला किया। उनके सरकारी अंगरक्षक व कार्यकर्ताओं ने सरायकेला एसपी को जानकारी देने की कोशिश की, पर एसपी ने फोन नहीं उठाया। तब डीजीपी जानकारी दी गई। दो घंटे बाद तक कोई पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण क्षेत्र चिन्हित कर घटना को झामुमो नेताओं ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिलाया। इस पर संज्ञान लें।

डीजीपी की जगह एडीजी को सौंपा पत्र इस मामले में डीजीपी अजय कुमार सिंह से वक्त लिया गया था। लेकिन प्रतिनिधिमंडल जब पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो डीजीपी मीटिंग का हवाला देते हुए अनुपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने इस पर नाराजगी जतायी। वहीं, डीजीपी की तरफ से मीडिया सेल ने बयान जारी कहा है कि डीजीपी को सुरक्षा संबंधित बैठक के लिए अन्यत्र जाना पड़ा था। वह मुख्यालय से बाहर थे। भाजपा से जो शिकायत मिली है उसे एडीजी मुख्यालय ने स्वीकृत किया। 

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