DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   झारखंड  ›  शादी से एक दिन पहले लड़की ने किया मना, मनाते रहे लड़के वाले लेकिन नहीं बनी बात, परिवार ने की ये मांग

झारखंडशादी से एक दिन पहले लड़की ने किया मना, मनाते रहे लड़के वाले लेकिन नहीं बनी बात, परिवार ने की ये मांग

प्रतिनिधि,सगमाPublished By: Sneha Baluni
Sat, 08 May 2021 06:51 PM
शादी से एक दिन पहले लड़की ने किया मना, मनाते रहे लड़के वाले लेकिन नहीं बनी बात, परिवार ने की ये मांग

गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र के सगमा गांव में लड़की की ओर से शादी से इनकार करने का अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। ऐन वक्त पर लड़की ने शादी से इनकार करने कर दिया जिसके बाद गांव से बारात ही नहीं गई। गाड़ियां दुल्हन के दरवाजे पर ही खड़ी रहीं।

बताया जाता है कि सगमा गांव निवासी विनोद प्रजापति के पुत्र अरविंद प्रजापति की शादी जिलांतर्गत डंडई थाना के लवाही गांव में स्वर्गीय नन्हकू प्रजापति की बेटी गुड्डी कुमारी के साथ गत फरवरी महीने तय हुई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार पिछली पांच मई को दूल्हा का धूमधाम से तिलक समारोह कार्यक्रम हुआ। 

वहीं 8 मई को अरविंद की शादी होनी थी। शादी के लिए पूरी तैयारी कर ली गई। बारात जाने के लिए गाड़ियां रिजर्व की गईं। इधर शादी की रस्मों को पूरा किए जा रहा था। इसी बीच शादी के एक दिन पहले 7 मई को लड़की ने लड़के से शादी करने से इनकार कर दिया। 

बताया जाता है कि शुक्रवार को दूल्हा पक्ष के यहां दुल्हन पक्ष के परिजनों ने घर पर ही पहुंच कर शादी करने से इनकार करते हुए दहेज में दिया सामान वापस करने की मांग की। उसपर दूल्हा पक्ष की ओर से गांव के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में पंचायती हुई। पंचायती में बात नहीं बनी। 

दुल्हन के घर वालों का कहना था कि जब बेटी ही इनकार कर रही तो वो क्या कर सकते हैं। शनिवार को वर पक्ष के यहां बारातियों को बारात जाने के लिए रिजर्व किए गए बराती वाहन, बैंड बाजा दरवाजे पर पहुंच गया। सभी दरवाजे पर पहुंचे तो मामले की जानकारी हुई। 

मामले में वर के पिता विनोद प्रजापति ने बताया कि फरवरी महीने में लड़के की शादी डंडई थाने के लावाही गांव में स्वर्गीय नन्हकू प्रजापति की पुत्री के साथ तय हुई थी। 5 मई को धूमधाम से तिलक चढ़ाया गया। उसके बाद दूसरे दिन मंडप का कार्यक्रम हुआ। मंडप के बाद कन्या पक्ष के परिजनों की ओर से घर पर पहुंचकर कन्या की ओर से शादी करने से इनकार करने की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गांव के गणमान्य लोगों ने पंचायती की। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। कन्या पक्ष की ओर से शादी से इनकार करने के सवाल पर बात नहीं बनी। अंतत: बारात नहीं गई।

संबंधित खबरें