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जंगल में मिली थी सिर कटी लाश, जांच में 400 पुलिस वाले, हाई प्रोफाइल केस में दंपति को आजीवन कारावास

अदालत ने जघन्य हत्याकांड में 25 नवंबर को दोषी ठहराया था। दोषी चान्हो निवासी सोफिया परवीन को साजिश के तहत ओरमांझी के जंगल में ले गए, जहां दोनों ने उसकी गला दबा कर जनवरी 2021 को हत्या कर दी थी।

जंगल में मिली थी सिर कटी लाश, जांच में 400 पुलिस वाले, हाई प्रोफाइल केस में दंपति को आजीवन कारावास
Abhishek Mishraहिन्दुस्तान,रांचीFri, 01 Dec 2023 08:42 AM
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रांची के ओरमांझी के जंगल में सिर कटी महिला की लाश मिलने के बाद उसके सिर को ढूंढ़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने 400 पुलिसकर्मियों को लगाया था। पुलिस प्रशासन ने सिर खोजने के लिए पांच लाख रुपए इनाम की घोषणा की थी। इस हत्याकांड में अपर न्यायायुक्त एमके वर्मा की अदालत ने गुरुवार को दोषी शेख बेलाल(46 वर्ष) एवं उसकी पत्नी अफसाना खातून उर्फ साबो खातून(44 वर्ष) को अंतिम सांस तक जेल में रहने की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

सजायाफ्ता पिठोरिया के चंदवे गांव का निवासी है। इससे पूर्व सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान एपीपी मीनाक्षी कंडुलना ने फांसी की सजा की मांग की। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने उम्रकैद की सजा देने का अनुरोध किया था। अदालत ने जघन्य हत्याकांड में 25 नवंबर को दोषी ठहराया था। दोनों मिलकर चान्हो निवासी सोफिया परवीन को साजिश के तहत ओरमांझी के जंगल में ले गए, जहां दोनों ने उसकी गला दबा कर तीन जनवरी 2021 को हत्या कर दी थी। दोनों 15 जनवरी 2021 से लगातार जेल में ही है। ओरमांझी थाना में कांड संख्या 04/2021 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन की ओर से 19 और बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों को प्रस्तुत किया गया था।

धड़ ओरमांझी के जंगल में और सिर चंदवे में मिला

यह हत्या विश्वासघात के साथ पहली पत्नी साबो खातून को तलाक देने के दबाव में की गई थी। इसके बाद अभियुक्तों ने ओरमांझी के जंगल में धारदार दाउली से गला रेतकर साफिया परवीन का सिर धड़ से अलग कर दिया था। ओरमांझी थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी सह जांच अधिकारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि महिला का सिर पिठोरिया के चंदवे बस्ती स्थित रेलवे लाइन के बगल में जल जमाव वाले खुले स्थान में दफना दिया गया था। जो घटनास्थल से सात किलोमीटर दूर था। जिसे पुलिस ने 12 वें दिन बरामद करने में सफलता पाई थी। पुलिस ने पहले साबो खातून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद भाग रहा शेख बेलाल को सिकिदिरी में ऑटो में धर दबोचा था। सिर ढूंढ़ने में पूरी पुलिस टीम लगी थी। वरीय पुलिस अधिकारियों के सहयोग से इस नृशंस हत्याकांड का उद्भेदन हो सका। अदालत ने जो सजा अभियुक्तों को सुनाई है, उससे मुझे और पुलिस टीम को खुशी हुई है। पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है।

आक्रोशित भीड़ ने सीएम का काफिला रोका था

युवती की लाश मिलने के बाद लोग आक्रोशित हो गए थे। किशोरगंज चौक पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीएम का काफिला रोकने की कोशिश की। उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई थी।

जिसे जेल भिजवाया था, उसी ने जंगल बुलाकर हत्या की

मृतक सोफिया अपने पति को छोड़कर शेख बेलाल के साथ अवैध रूप से रह रही थी। दोनों में अवैध संबंध था। सोफिया बेलाल की पत्नी बनना चाह रही थी। इसके लिए पहली पत्नी को तलाक देने का लगातार दबाव बनाने लगी। बेलाल के घर में सोफिया एवं अफसाना खातून के बीच बराबर टकराव होता रहता था। सोफिया ने शेख बेलाल को अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल भी भेजवाया था। शेख बेलाल सोफिया को रास्ते से हटाने के लिए उसे जंगल ले गया और गला दबाकर हत्या कर दी।

12 दिनों के भीतर हुआ था मामले का उद्भेदन

सिर कटी लाश मिलने के बाद सिर खोजने वाले को पांच लाख रुपए इनाम देने की घोषणा पुलिस प्रशासन ने की थी। घटनास्थल पर स्निफर डॉग को भी ले जाया गया था। जंगल से सात किमी तक सिर ढूंढ़ने के लिए 400 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। पुलिस मुख्यालय की ओर से 15 दिन का समय मिला था। पर पुलिस ने 12 दिनों के भीतर ही मामले का उद्भेदन कर अभियुक्तों को भी धर दबोचा था। चान्हो के चटवल निवासी ने मृतक सोफिया को अपनी बेटी बतलाया। इसके बाद माता-पिता से डीएनए मैच कराया गया। तब इसकी पुष्टी हुई थी।

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