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Hindi News झारखंडबहू ने सास को पीटकर 30 लाख के गहने छीने, परेशान होकर पति रहता है घर से दूर

बहू ने सास को पीटकर 30 लाख के गहने छीने, परेशान होकर पति रहता है घर से दूर

पीड़िता की लिखित शिकायत पर बरियातू थाना में बहू संजना, मां, मौसा व मौसी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया है कि उनके पुत्र ईशान का विवाह संजना के साथ साल 2011 में हुआ था।

बहू ने सास को पीटकर 30 लाख के गहने छीने, परेशान होकर पति रहता है घर से दूर
Devesh Mishraहिन्दुस्तान,रांचीWed, 24 Apr 2024 10:52 AM
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रांची के हरिहर सिंह रोड में गणेश अपार्टमेंट में रहने वाली बुजुर्ग महिला शकुंतला कुमारी के साथ सोमवार को बहू संजना वर्मा, उसकी मां, मौसा सुनील वर्मा और मौसी ने मारपीट की। बहू ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर सास के कमरे में रखे 30 लाख रुपए के जेवर भी लूट लिए। इससे पूर्व प्रतिकार करने पर सभी ने एकमत होकर वृद्ध महिला की जमकर पिटाई की और गरदन दबाकर हत्या का प्रयास किया।

विवाह के बाद ही करने लगे प्रताड़ित- सास
पीड़िता की लिखित शिकायत पर बरियातू थाना में बहू संजना, मां, मौसा व मौसी पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया है कि उनके पुत्र ईशान का विवाह संजना के साथ साल 2011 में हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद से ही बहू बेटा ईशान, सास एवं सुसर को शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना देने लगी। बहू बाद में पटना में अपनी मौसी के यहां रहने लगी। बताया गया कि उनके पुत्र ईशान ने वर्ष 2022 में तलाक की अर्जी दायर की। पता चलते ही वह रांची आई और फ्लैट में रहने लगी। पत्नी के व्यवहार से आजिज ईशान अपने भाई के यहां रहने लगा।

30 लाख के जेवर छीने
इसी बीच पिछले 19 अप्रैल को सास शकुंतला अपने घर धनबाद चली गई। वह जब सोमवार को लौटी तो बहू ने अपनी मां, मौसा-मौसी के साथ मिलकर मारपीट की और जबरन आलमीरा की चाबी छिन ली। इसके बाद उसने वहां रखे 30 लाख रुपए मूल्य के जेवरात अपने कब्जा में कर लिया। इधर केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

यह भी जानिए: पांच बच्चों को रांची ले जा रहा तस्कर दबोचा गया

आरपीएफ ने रांची ले जा रहे पांच बच्चों को तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया। साथ ही एक तस्कर को हिरासत में लिया गया। तस्कर की पहचान पश्चिम बंगाल के सुति थाना क्षेत्र के नबीरूल इस्लाम के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार ने बताया कि सोमवार देर रात नबीरूल पांच बच्चों को वनांचल एक्सप्रेस से मजदूरी के लिए रांची ले जाने वाला था। जांच में जब नबीरूल से पूछताछ की गई, तो पता चला कि सभी बच्चे नाबालिग हैं, जिसे मजदूरी के लिए रांची ले जाया जा रहा है। इसके बाद नबीरूल को हिरासत में लेकर बच्चों को कस्टडी में ले लिया। चार बच्चे साहिबगंज के बड़हरवा के विशनपुर गांव के हैं, जबकि एक बच्चा बंगाल का है। आरपीएफ ने बच्चों को कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन को सौंप दिया।